सरायकेला-खरसावां । जिले के फुरीदा स्थित वृद्धाश्रम में मंगलवार, 21 अप्रैल 2026 को आयुष सीएचओ (CHO) के कुशल नेतृत्व में एक विशेष मासिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों के स्वास्थ्य की निगरानी करना और उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करना था। शिविर में कुल 40 वृद्धजनों ने भाग लिया और स्वास्थ्य जांच का लाभ उठाया।
ब्लड शुगर और उच्च रक्तचाप (Hypertension) पर रहा विशेष फोकस
बढ़ती उम्र के साथ बुजुर्गों में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां आम हो जाती हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए, शिविर के दौरान मुख्य रूप से वृद्धजनों के ‘ब्लड शुगर’ (मधुमेह) और ‘उच्च रक्तचाप’ (हाइपरटेंशन) की सघन जांच की गई। स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत, डॉक्टरों के परामर्श के आधार पर सभी 40 लाभार्थियों को उनके रोग और आवश्यकता के अनुसार निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया।
चिकित्सा दल और योग प्रशिक्षकों की रही सक्रिय भूमिका
इस सफल स्वास्थ्य शिविर में पूरी मेडिकल टीम ने अपनी अहम जिम्मेदारी निभाई। चिकित्सा दल में मुख्य रूप से डॉ. मोनालिशा और डॉ. सोनाली उपस्थित रहीं, जिन्होंने बुजुर्गों की जांच की। इनके अलावा, इस पुनीत कार्य में 4 सहिया (स्वास्थ्य कार्यकर्ता) और 5 योग प्रशिक्षकों ने भी अपनी सक्रिय और महत्वपूर्ण सहभागिता दर्ज कराई।
स्वस्थ दिनचर्या और योग अपनाने पर दिया गया जोर
स्वास्थ्य जांच और दवा वितरण के साथ-साथ, शिविर में उपस्थित लाभार्थियों को बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी किया गया। चिकित्सा दल और योग प्रशिक्षकों ने बुजुर्गों को निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए:
खान-पान: प्रतिदिन सुपाच्य और संतुलित आहार का ही सेवन करना।
दवा और जांच: नियमित रूप से अपनी स्वास्थ्य जांच कराना और समय पर निर्धारित दवाइयों का सेवन करना।
स्वच्छता: बीमारियों से बचने के लिए व्यक्तिगत और आसपास की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना।
शारीरिक सक्रियता: दैनिक जीवन में हल्के व्यायाम और योग को अपनी दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा बनाना।
बुजुर्गों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार है मुख्य लक्ष्य
स्वास्थ्य विभाग का हमेशा से यह प्रयास रहा है कि समाज के हर वर्ग को उनके घर के समीप समुचित चिकित्सा सुविधा मिले। इसी दिशा में विभाग द्वारा नियमित रूप से इस प्रकार के मासिक शिविरों के आयोजन के निर्देश दिए गए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य वृद्धजनों के स्वास्थ्य की सतत निगरानी सुनिश्चित करना है, ताकि उन्हें आसानी से आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके और उनके जीवन की गुणवत्ता (Quality of Life) में अधिक से अधिक सुधार लाया जा सके।






