सरायकेला-खरसावां जिले में अवैध बालू खनन, भंडारण और इसके परिवहन पर नकेल कसने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से सख्त नजर आ रहा है। जिले के उपायुक्त नितिश कुमार सिंह के कड़े निर्देशानुसार, जिला खनन विभाग और ईचागढ़ थाना पुलिस की एक संयुक्त टीम ने इलाके में अवैध बालू खनन के खिलाफ एक बड़ा औचक निरीक्षण अभियान चलाया है। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से बालू माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
स्वर्णरेखा नदी के इन प्रमुख बालू घाटों पर हुई छापेमारी
प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह औचक निरीक्षण अभियान मुख्य रूप से ईचागढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले स्वर्णरेखा नदी के विभिन्न बालू घाटों पर संचालित किया गया। इस दौरान संयुक्त टीम ने सोड़ो, जारगोडीह, पुरानडीह और वीरडीह बालू घाटों का गहन निरीक्षण किया। टीम ने इन स्थानों पर पहुंचकर अवैध खनन, बालू के अवैध भंडारण और परिवहन की गतिविधियों की बारीकी से जांच की।
ट्रैक्टर के निशान मिलने पर खोदे गए ट्रेंच, रास्ते किए गए अवरुद्ध
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक टीम को मौके पर तत्काल रूप से किसी भी प्रकार की अवैध उत्खनन गतिविधि या बालू लदे वाहन नहीं मिले। हालांकि, जांच के क्रम में सोड़ो, जारगोडीह और वीरडीह घाटों पर ट्रैक्टर वाहनों के टायरों के निशान स्पष्ट रूप से पाए गए, जिससे यह अंदेशा पुख्ता हुआ कि इन रास्तों का इस्तेमाल बालू के अवैध उठाव के लिए किया जा रहा है। इन निशानों को देखते हुए, वरीय पदाधिकारियों के निर्देशानुसार संभावित अवैध परिवहन मार्गों की तत्काल पहचान की गई। भविष्य में इन रास्तों से अवैध परिवहन की पुनरावृत्ति को पूरी तरह से रोकने के लिए विभिन्न स्थानों पर बड़े अवरोध गर्त (ट्रेंच) का निर्माण कर रास्तों को अवरुद्ध कर दिया गया है।
अवैध गतिविधियों पर ‘जीरो टॉलरेंस’, उपायुक्त की दो टूक चेतावनी
सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने इस मामले में एकदम स्पष्ट और कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सख्त लहजे में कहा है कि जिले के अंतर्गत किसी भी स्थान पर खनिजों (विशेषकर बालू) के अवैध खनन, भंडारण अथवा परिवहन की गतिविधियों को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन इस दिशा में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना रहा है और प्राकृतिक संपदा की लूट रोकने के लिए इस प्रकार की प्रभावी और सख्त प्रशासनिक कार्रवाई आगे भी निरंतर और सतत रूप से जारी रहेगी।



