
जमशेदपुर।


भाजपा के सासंद शत्रुधन सिहा के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति अपनी बगावती सुर को काफी बदलाव आ गया है । जमशेदपुर मे पत्रकारो से बातचीत के दौरान उन्होने प्रधानमंत्री के कार्यो की जमकर तारीफ की। उन्होने हाल के दिनो ने सेना के द्वारा सर्जिकल ऑपरेशन को सही ठहराया। उन्होने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का ये फैसला सही समय मे लिया गया फैसला है। ये ऑपरेशन देश हित मे था। इसके लिए प्रधानमंत्री जी कि जितनी तारीफ की जाए उतनी कम है।
हालाकि उन्होने ये भी कहा कि कोई फैसला बातचीत से हो सकता है न की युद्द से । इसलिए सरकार को बातचीत का प्रयास जारी रखना चाहिए। पाकिस्तान के कालाकारो के सवाल पर उन्होने कहा कि पहले देश उसके बाद ही कुछ । इसलिए इस मामले मे इससे ज्यादा कुछ नही कह सकता हुं। इस दौरान उन्होने पत्रकारो के कई सवालो को जबाब बेहिचक दिया।
कैबिनट मे शामील करना नही करना ये प्रधानमंत्री का फैसला
शत्रुघन सिहां से ये सवाल पुछा गया कि क्या वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के केन्द्रीय मंत्रीमंडल मे शामील होगे क्य़ा तो उसके जबाब मे उन्होने कहा कि ये फैसला प्रधानमंत्री का है। वे किस को मंत्रीमंडल मे शामील करेगे किसको नही । मै उनके किसी भी फैसले को चैलेज नही कर सकता है। यदि वे मुझे समझगे कि मै केन्द्रीय मंत्रीमंडल लायक हुं तो जरुर मुझे अपनें मंत्रीमंडल मे शामील करेगें.
गांधी मैडम जिदां रहती तो शायद मै कॉग्रेस मे रहता
उन्होने कहा कि भाजपा मे आने के बाद अटल- आडवाणी से आर्शीवाद मिला। उनके आर्शीवाद के कारण ही वे इस जगह पर है। लेकिन बहुत कम लोग जानते है कि सुबोध कांत सहाय के साथ मै कई राजनितिक अंदोलन बिहार मे किया था। मैडम गांधी अगर जिंदा रहती तो शायद मै आज भाजपा मे नही कॉग्रेस मे रहता। लेकिन अटल- आडवामी का आर्शीवाद मिला कि भाजपा मे आ गया। उसके बाद भाजपा के वरीय सासंद कैलाश पति मिश्रा से काफी कुछ सीखने को मिला।
किताब कही बाते नही भी लिखी गई है
उन्होने अपने किताब खामोश के बारे मे कहा कि इस किताब मे मै जिदंगी की सारे बातो को लिख कर लाया हुं लेकिन कई ऐसी बाते जिसके किताब मे लिखे जाने से कई ऱिलेशन शिप खत्म हो सकता है उन बातो को भी मैने किताब मे लिखा है।
झारखंड सरकार बेहत्तर काम हो रहे है।
उन्होने कहा कि झारखंड सरकार काफी बेहत्तर कर रही है। जहां तक सड़को का सवाल है सड़के बन रही है। काम मे कुछ देरी होते रहती है। लेकिन सरकार इस मामले मे खुद सज्ञान मे ले ।और काम मे तेजी करवाये।
झारखंड मे फिल्म निगम का गठन होना अच्छी बात है
उन्होने कहा कि झारखंड मे फिल्म बना ने के लिए काफी लोकेशन है इसके लिए जब सयुक्त बिहार था काफी प्रयास किया था उन्होने कहा कि इसके लिए बिहार सरकार के अधिकारी सजल चक्रवती और गिरजा शंकर दत्ता ने मिलकर एक प्रस्ताव भी बनाया लेकिन यह मामला बाद मे ठंडे बस्ता मे चला गया। उस वक्त मै उत्तर प्रदेश फिल्म डेवलेम्पमैट कॉरपोरेशन का चैयरमैन था।उन्होने कहा कि उन्हे पता चला कि झारखंड मे फिल्म निगम का गठन कर लिया गया है उसके अध्यक्ष अनुपम खैर को बनाया गया है ये अच्छी बात है वो हमारे अच्छे दोस्त है लेकिन हमसे इस मामले मे नही पुछा गया । अगर मुझसे राय लेते तो मैं भी कहता अनुपम को ही बनाया जाए।

