
जमशेदपुर।1


तीन तीन राज्यो में भाजपा की करारी हार के बाद झारखंड के भी राजनितीक गलियारो मे ऱघुवर सरकार की परिवर्तन की चर्चा होने लगी है। इस मामले में खाध आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने कहा कि मै जिस सरकार का मंत्री हुं उस सरकार के नेतृत्व परिवर्तन के बारे में कैसे बोल सकता हुं। उन्होने कहा कि झारखंड के बारे में केन्द्रीय नेतृत्व ही विचार कर सकता है। केन्द्रीय नेतृत्व ही पता करेगा कि झारखंड में जो काम होना चाहिए वह हुआ है कि नही हुआ है उन्होने उम्मीद जताते हुए कहा कि झारखंड पर केन्द्रीय नेतृत्व इस विचार कर राज्य को निर्देश देगा।
खाध-आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने कहा कि तीन तीन राज्यो मे भाजपा की हार मे अपनी प्रतिक्रीया देते हुए कहा कि यह परिणाम सही में पार्टी के लिए चिंता का विषय है अगर पार्टी को 2019 मे लोकसभा चुनाव में बेहत्तर रिजल्ट लाना है तो पार्टी के वरीय नेता आत्म मंथन करे। उन्होने कहा कि यह चुनाव के नतीजे अंचभित करने वाले है उन्होने कहा कि ऐसा होगा यह कोई सोच भी नही सकता था खासकर छत्तीसगढ में तो मैने कल्पना भी नही की थी। हालाकि राजस्थान और मध्यप्रदेश के चुनाव पार्टी ने बेहत्तर किया है।उन्होने कहा कि पार्टी के अलाकमान नेताओ को सोचना चाहिए केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के इतना बेहत्तर काम के बावजूद कैसे पार्टी हार गई।आखिर लोगो ने क्यो हम पर भरोसा नही किया है। उन्होने कहा कि चूनाव मे हार जीत तो लगते रहती है। मगर वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में अच्छा परफोरेमेंस कैसे करे उस पर आत्म चिंतन करे और पार्टी के अलाकमान राज्यो के निर्देश दे कि पार्टी कार्यकर्ता इस प्रकार सर्किय हो।
चुनाव संचालन समिति में नही रखे जाने के सवाल पर उन्होने कहा कि यह पार्टी के अध्यक्ष का विवेक है कि किसको कहां रखना है उन्होने सोचा होगा कि मेरे से ज्यादा काम करने वाले लोग है इस कारण उन्होने हमे चुनाव संचालन समिंति मे नही रखा। उन्होने कि वे झारखंड बनने से पहले से ही चुनाव समिति मे रहे है। 20-25 चुनाव संचालन समिति नही रहना कोई अचरज की बात नही है। और लोगो को मौका मिलना चाहिए
हिन्दुस्थान समाचार/रवि झा

