संतोष कुमार ,
सरायकेला।
विधानसाभा चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी के टिकट से सरायकेला विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके बास्को बेसरा विगत दिनों पार्टी के कार्यक्रमों से दूर- दूर देखे जा रहे हैं. अभी दो दिनों पूर्व ही सरायकेला में आयोजित झारखंड विकास मोर्चा द्वारा राशन कार्ड को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया था जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री सह झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने शिरकत की इस दौरान श्री बेसरा को मंच साझा करते देखा गया. वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी की ओर से आयोजित सरायकेला- खरसावां जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ता सम्मेलन में वे शामिल नहीं हुए. जबकि उक्त कार्यक्रम में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव भगत, राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ अजय कुमार के अलावा पूरे कोल्हान के दिग्गज कांग्रेसियों ने शिरकत की. हालांकि पार्टी के हवाले से इस मामले को श्री बेसरा का व्यक्तिगत मामला बताते हुए किनारा कर लिया गया.
विधानसभा चुनाव हारने के बाद पार्टी से किनारा करते रहें हें बेसरा
झारखंड मुक्ति मोर्चा से राजनीति का ककहरा सीखनेवाले बास्को बेसरा ने झारखंड बनने के बाद वर्ष 2005 में आजसू पार्टी के टिकट से खरसावां चुनाव लड़ा जहां उनकी हार हुई, उसके बाद श्री बेसरा ने जेवीएम का दामन थाम लिया लेकिन पार्टी द्वारा टिकट नहीं मिलने से नारज होकर कांग्रेस का दामन थाम लिया एवं वर्ष 2009 में खरसावां से चुनाव लड़ा जहां उनकी हार हुई. जिसके बाद वर्ष 2011 में मध्यावधि चुनाव में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा का समर्थन किया जिसके बाद भाजपा में शामिल कर लिए गए. लेकिन यहां भी टिकट की आस लगाए बैठे बेसरा ने सरायकेला एवं खरसावां विधानसभा सीट पर क्रमशः गणेश महाली एवं अर्जुन मुंडा की दावेदारी को देखते हुए पार्टी बदलते हुए पुनः कांग्रेस का दामन थाम लिया जहां हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट से सरायकेला विधानसभा सीट से पुनः उन्हें हार का सामना करना पड़ा. हालांकि श्री बेसरा द्वारा खुद को कांग्रेस के लिए समर्पित बताते हुए दुबारा किसी पार्टी में नहीं जाने की बातें कही गई थी. लेकिन राजनीति में कुछ भी निश्चित नहीं होता. हाल के दिनों में श्री बेसरा को पार्टी के कार्यक्रमों से दूर- दूर देखा जाना एवं बाबूलाल मरांडी के साथ मंच साझा करना कुछ अलग ही कहानी बयां करती है.
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