
RANCHI NEWS: झारखंड में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में सुरक्षा बलों और राज्य सरकार को एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हाथ लगी है। राज्य सरकार की ‘आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति’ (Surrender and Rehabilitation Policy) और सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे लगातार नक्सल विरोधी अभियानों से प्रभावित होकर कुल 27 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता हमेशा के लिए छोड़ दिया है। इन सभी ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला करते हुए पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।
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पुनर्वास नीति और सुरक्षा बलों के अभियान का दिखा असर
झारखंड में लंबे समय से नक्सलियों को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए सरकार द्वारा कई प्रयास किए जा रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों ने यह स्पष्ट किया है कि सुरक्षा बलों की बढ़ती दबिश और राज्य सरकार की आकर्षक पुनर्वास नीति ने उन्हें यह कदम उठाने के लिए प्रेरित किया। इस आत्मसमर्पण को झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की एक बड़ी रणनीतिक जीत माना जा रहा है।
भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियारों का जखीरा बरामद
नक्सलियों ने केवल आत्मसमर्पण ही नहीं किया, बल्कि अपने साथ भारी मात्रा में हथियारों का जखीरा भी पुलिस को सौंपा है। आत्मसमर्पण के दौरान कुल 17 अत्याधुनिक हथियार सौंपे गए। इनमें शामिल हैं:
01 – INSAS LMG (इंसास एलएमजी)
05 – INSAS (इंसास राइफल)
09 – SLR (एसलआर)
01 – .303 बोल्ट एक्शन रायफल
01 – कन्ट्रीमेड पिस्टल (देसी पिस्तौल)
हथियारों के अलावा, पुलिस ने 31 मैगजीन, भारी मात्रा में कारतूस और संचार के लिए इस्तेमाल होने वाले वॉकी-टॉकी भी बरामद किए हैं।
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कोल्हान, सारंडा और गुमला में आतंक का पर्याय थे ये नक्सली
जिन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, वे झारखंड के सबसे संवेदनशील और नक्सल प्रभावित माने जाने वाले कोल्हान, सारंडा और गुमला क्षेत्रों में सक्रिय थे। इनमें से कई पर लाखों रुपये का इनाम घोषित था।
कोल्हान एवं सारंडा क्षेत्र: यहां से कुल 25 हार्डकोर नक्सलियों ने हथियार डाले हैं, जिनमें 06 एसजेडसीएम (SZCM), 06 एसीएम (ACM) और 13 कैडर (Cadre) शामिल हैं।
गुमला क्षेत्र: इस क्षेत्र में सक्रिय 02 इनामी नक्सलियों ने सरेंडर किया है, जिनमें 01 एसजेडसीएम (SZCM) और 01 एसीएम (ACM) शामिल हैं।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन इनामी और शीर्ष रैंक के नक्सलियों के सरेंडर से कोल्हान और सारंडा के जंगलों में नक्सली नेटवर्क पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि मुख्यधारा में लौटने वाले इन सभी लोगों को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ दिया जाएगा ताकि वे एक सामान्य और शांतिपूर्ण जीवन जी सकें।



