रांची ।
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य में पतंग व्यवसाय को कुटीर उद्योग के रूप में विकसित किया जा सकता है, जिससे गरीबों को लाभ होगा। मुख्यमंत्री ने अरगोड़ा मैदान में नमो पतंग महोत्सव का उदघाटन करते हुये कहा कि त्योहार हमारे जीवन में नयी ऊर्जा का संचार करते है। रोजमर्रा के काम के कारण जीवन में आयी शिथिलता को दूर करता है।
मुख्यमंत्री श्री दास ने कहा कि अपनी संस्कृति को हमें भूलना नहीं चाहिए। संस्कृति ही हमारी पहचान है। इसके साथ ही त्योहार के कारण गरीबों को भी रोजगार मिलता है। उन्होंने कहा कि अपने त्योहारों को उत्साह के साथ मनाना चाहिए। तभी आनेवाली पीढ़ी भी अपनी परंपरा और संस्कृति से जुड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि हमारा यह प्रयास होगा कि आनेवाले वर्षों में झारखंड के हर कोने में पतंग महोत्सव मनाया जाये ताकि गरीबों को रोजगार मिल सके एवं इससे पर्यटक भी आकर्षित हों सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि सभी मिल कर प्रयास करें, तो आनेवाले पांच साल में झारखंड देश का विकसित राज्य बन सकता है। हमारी सरकार ने उद्योग, आइ0टी0, कृषि और पर्यटन में विशेष ध्यान देने का निर्णय लिया है। पर्यटन के विकास हेतु पारसनाथ- देवघर-राजरप्पा-भद्रकाली मंदिर, चतरा सर्किट, तारापीठ-बासुकीनाथ सर्किट, बोधगया-देवघर सर्किट, रांची-राजरप्पा को पर्यटन सर्किट बनाने पर काम चल रहा है। इसके अलावा पतरातु में मेरिन ड्राइव, गुमला में अंजन धाम को भी विकसित किया जा रहा है। धीरे-धीरे सारे काम लोगों को धरातल पर दिखेंगे। उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
कार्यक्रम में नगर विकास मंत्री श्री सीपी सिंह, सांसद श्री रविंद्र राय, विधायक श्री नवीन जायसवाल, रामकुमार पाहन, रांची की मेयर श्रीमती आशा लकड़ा, डिप्टी मेयर श्री संजीव विजयवर्गीय, श्री संजय सेठ समेत अन्य लोग उपस्थित थे।




