जमशेदपुर।
पुरुष आयोग समन्वय समिति के बैनर तले शहर के रामनाथ दास आज को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर पुरुष आयोग और पुरुष कल्याण मंत्रालय के गठन को लेकर एक दिवसीय धरना दिया। इस दौरान विभिन्ना समाजिक संस्था के लोग भी मौजूद थे।
मालूम हो कि शहर के रामनाथ दास ने इस धरना में ज्यादा से ज्यादा लोग शामिल हो सके, इसके लिए उन्होंने सोशल मीडिया का सहारा लेकर अभियान पिछले एक माह चला रखा था। सोशल साइट से वह इस धरना का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं. भूतपूर्व सैनिक रामनाथ ने धरना के बाद प्रधानमंत्री के नाम पुरुष आयोग और राष्ट्रीय पुरुष कल्याण मंत्रालय के गठन को लेकर एक ज्ञापन भी सौंपा।

इस सबंध में रामनाथ दास ने बताया कि पुरुषों के खिलाफ बने एकतरफा कानून मसलन दहेज है. छेड़खानी और दुष्कर्म के झूठे मुकदमे के प्रसारण के कारण बड़े-बड़े सांसद, जज, कलेक्टर, डॉक्टर सभी वर्ग के लोग फंस चुके है। अपनी धनसंपदा गंवा कर कई पुरुष आत्महत्या करने को मजबूर हो जाते हैं। इस प्रकार के कई मामले आए दिन देखने को मिलते हैं।
इस धरना में देश के कोने-कोने से महिलाओं द्वारा प्रताड़ित काफी संख्या में पुरुष शामिल होंगे। रामनाथ ने कहा कि इस मांग के अलावा हर जिले में महिला थाना की तरह पुरुष थाने का भी निर्माण किया जाना चाहिए। इसके अलावा आईपीसी की धारा 498 ए घरेलू हिंसा, 354 छेड़खानी, 376 दुष्कर्म जैसे कानूनों के समान पुरुष वर्ग के लिए समानांतर कानून बनाना चाहिए। इसके साथ ही मुकदमा दर्ज कराने वाली महिलाओं के लिए नारको टेस्ट, लाइव डिटेक्टर टेस्ट और मेडिकल टेस्ट अनिवार्य करने की भी मांग की जाएगी। वहीं, उन्होंने यह भी कहा कि इन सभी कानूनों के दोषियों के लिए कम से कम 10 साल की सजा का प्रावधान किया जाए। इसके साथ ही झूठे आरोप में मुकदमा करने वाले और झूठी गवाही देने वालों के लिए आजीवन कारावास की सजा हो या 50 हजार रुपए का जुर्माना वसूलने का प्रावधान हो।



