RABI KUMAR JHA



रेल खबर।
यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से Indian Railways ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे के महाप्रबंधकों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि खासकर छोटे स्टेशनों पर, जहां से कई ट्रेनें बिना ठहराव के तेज रफ्तार में गुजरती हैं, वहां यात्रियों को पहले से सतर्क करना अनिवार्य किया जाए।
अब अनिवार्य होगा पूर्व-रिकॉर्डेड सुरक्षा संदेश
रेलवे के निर्देशानुसार, ऐसे स्टेशनों पर तेज रफ्तार या रन-थ्रू ट्रेनों के आने से पहले पूर्व-रिकॉर्डेड घोषणा (Pre-recorded Announcement) चलाई जाएगी। इसका उद्देश्य यात्रियों को संभावित खतरे के प्रति सचेत करना है, ताकि कोई दुर्घटना न हो।
रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि किन-किन स्टेशनों पर यह व्यवस्था लागू करनी है, इसका निर्णय जोनल रेलवे स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार करेगी।
हिदी:
“यात्रिगण कृपया ध्यान दें! एक उच्च गति की रेलगाड़ी शीघ्र ही स्टेशन से गुजरने वाली है। आपकी सुरक्षा के लिए अनुरोध है कि पटरियाँ पार न करें और प्लेटफॉर्म के किनारे खड़े न हों। कृपया एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए केवल पैदल उपरिगामी पुल (फुट ओवर ब्रिज) का ही उपयोग करें। आपके सहयोग के लिए धन्यवाद।”
” English:
“Passengers, your attention please! A high-speed train will be passing shortly. For your safety, do not cross the railway tracks or stand close to the edge of the platform. Passengers are requested to use the Foot Over Bridge to move from one platform to another. Thank you for your cooperation.’
घोषणा का एक समान (Uniform) प्रारूप होगा लागू
रेलवे बोर्ड ने निर्देश दिया है कि पूरे देश में सभी जोनल रेलवे एक समान संदेश का ही उपयोग करेंगे, ताकि यात्रियों को स्पष्ट और एकरूप सूचना मिले। इसके लिए सिग्नल एंड टेलीकॉम (S&T) विभाग की मदद से ऑडियो फाइल तैयार कर स्टेशनों पर लागू की जाएगी।
घोषणा का आशय यह होगा कि—
स्टेशन पर एक तेज रफ्तार ट्रेन गुजरने वाली है
यात्री पटरियां पार न करें
प्लेटफॉर्म के किनारे खड़े न हों
एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए केवल फुट ओवर ब्रिज (FOB) का ही उपयोग करें
छोटे स्टेशनों पर क्यों जरूरी है यह कदम
देश के कई छोटे और ग्रामीण स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म संकरे होते हैं और यात्री अक्सर लापरवाही में ट्रैक पार कर लेते हैं। जब राजधानी, वंदे भारत, शताब्दी या मालगाड़ियां तेज गति से गुजरती हैं, तो तेज हवा और शोर के कारण गंभीर हादसे की आशंका बनी रहती है। रेलवे का मानना है कि समय पर चेतावनी मिलने से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।
यात्रियों से सहयोग की अपील
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे घोषणाओं को गंभीरता से लें और सुरक्षा नियमों का पालन करें। यह पहल न सिर्फ यात्रियों की जान बचाने में सहायक होगी, बल्कि सुरक्षित और अनुशासित यात्रा संस्कृति को भी बढ़ावा देगी।





