
PATNA

आज लोक आस्था का महापर्व सुबह उदीयमान सूर्य की अर्ध्य देने के साथ संपन्न हो गया । इस प्रकार 8 नवंबर से शुरू हुआ यह महापर्व आज चौथे और अंतिम दिन सुर्य को दूसरे अर्ध्य के साथ संपन्न हुआ ।
इस पूरे महापर्व के दौरान कमांडेंट विजय सिन्हा के दिशा निर्देश में एनडीआरएफ के लगभग 650 बचाव कर्मी रेस्क्यु बोट ,बचाव उपकरण के साथ बिहार के न केवल पटना में गंगा नदी के सभी घाटों पर वरन विभिन्न जिलों में भी मुस्तैदी से तैनात रहे । इसके अलावे एनडीआरएफ की टीम झारखंड राज्य के विभिन्न जिलों में भी किसी भी संभावित खतरे के मद्देनजर दिन-रात लोगों की सेवा तथा सहायता के लिए तैयार दिखी ।
विजय सिन्हा ने एनडीआरएफ के बचाव कर्मियों की हौसला अफजाई करते हुए महापर्व छठ में उनके द्वारा की गई उत्कृष्ट कार्य के लिए बधाई दी ।
इस दौरान श्री सिन्हा ने बताया कि हर साल की भांति इस साल भी एनडीआरएफ की टीम ने हर जगह अपनी उत्कृष्टता का परिचय देते हुए लोगों के सेवा और सुरक्षा बनाए रखा। उन्होंने सभी बचावकर्मियों को महापर्व के समापन के पश्चात स्वच्छता अभियान के तहत सभी घाटों की सफाई का निर्देश भी दी। उन्होंने बताया की इस दौरान बचावकर्मियों ने न केवल पटना के गायघाट के निकट कैमूर जिले के निवासी इरफान अंसारी को गंगा नदी में डूबते हुए से बचाया बल्कि लगभग 60 जरूरतमंद लोगो को चिकित्सीय सहायता भी प्रदान की, जिनमे तीन की हालत अत्यंत ही गंभीर थी।

