

राजेस तिवारी
पटना । कुछ दिन पहले की बात है। मुख्यमंत्री रहते नीतीश कुमार को पूर्व मुख्यमंत्री की हैसियत से आवंटित एक बंगले पर काफी विवाद हुआ था। विपक्ष ने इसे लेकर एक तरह से सिर पर आसमान ही उठा लिया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अपने नाम पर आवंटित 7, सर्कुलर रोड स्थित बंगला खाली कर दिया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने इसके लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद कहा है।
मोदी ने कहा है कि उनके आग्रह पर सीएम ने पूर्व मुख्यमंत्री वाला आवास खाली कर दिया है। यह धन्यवाद देने लायक बात है लेकिन उन्हें (मुख्यमंत्री नीतीश कुमार) अब यह बताना चाहिए कि इस आवास के रखरखाव और मरम्मत पर पिछले दिनों कितनी राशि खर्च हुई?
हर मंगलवार को सुशील मोदी अपने पोलो मार्ग स्थित आवास पर जनता दरबार लगाते हैं। इसमें उन्होंने मीडियाकर्मियों से बातचीत में सीएम से 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास खाली करने के लिए बधाई देते हुए इसपर हाल में हुए खर्च का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की तो लग गया कि मोदी अभी इस मुद्दे को उठाएंगे।
लोकसभा चुनाव के बाद जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री पद सौंपकर नीतीश कुमार इसी आवास में रहने लगे थे। बाद में जब मुख्यमंत्री बने तो फिर मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास एक अणे मार्ग शिफ्ट हो गए थे लेकिन सात सर्कुलर रोड वाला आवास उनके पास ही था। बाद में सरकार ने उन्हें यह बंगला बतौर पूर्व मुख्यमंत्री आजीवन आवंटित कर दिया था।
पूर्व मुख्यमंत्री के हैसियत से आवंटित हुआ था बंगला
यह आवास नीतीश कुमार को बतौर पूर्व मुख्यमंत्री आवंटित हुआ था तो हंगामा खड़ा हो गया था। कभी सहयोग रहे भाजपा नेता सुशील मोदी ने इस आवास के आवंटन पर खूब तंज कसा था। कहा था कि नीतीश स्वार्थी हो गए हैं। इस क्रम में उन्होंने लालू परिवार का उदाहरण भी नीतीश के सामने रखा था।
कहा था कि पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और स्वास्थ्यमंत्री तेज प्रताप यादव एक ही बंगले में रह लेते हैं तो आखिर नीतीश कुमार को अपने लिए दो बंगला क्यों चाहिए? तब भाजपाइयों ने यह आरोप भी लगाया था कि नीतीश कुमार बतौर मुख्यमंत्री अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और इसी कारण उन्होंने अपने लिए दूसरे बंगले का प्रावधान किया है ताकि मुख्यमंत्री नहीं रहने की सूरत में इसका इस्तेमाल किया जा सके।
बंगला आवंटन पर सत्तापक्ष की ओर से भाजपा के आरोपों का तल्ख जवाब दिया गया था। उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने तो यहां तक कहा कि सुशील मोदी मर्यादा की सीमाएं लांघ रहे हैं। प्रतिशोध की आग में जल रहे मोदी जी मुख्यमंत्री नीतीश और लालू परिवार के कमरों की गिनती में जुटे हैं। लालू ने भी कहा था सरकार जब भी कोई निर्णय करती है, सुशील मोदी के पेट में दर्द हो जाता है।
मोदी ने कहा है कि उनके आग्रह पर सीएम ने पूर्व मुख्यमंत्री वाला आवास खाली कर दिया है। यह धन्यवाद देने लायक बात है लेकिन उन्हें (मुख्यमंत्री नीतीश कुमार) अब यह बताना चाहिए कि इस आवास के रखरखाव और मरम्मत पर पिछले दिनों कितनी राशि खर्च हुई?
हर मंगलवार को सुशील मोदी अपने पोलो मार्ग स्थित आवास पर जनता दरबार लगाते हैं। इसमें उन्होंने मीडियाकर्मियों से बातचीत में सीएम से 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास खाली करने के लिए बधाई देते हुए इसपर हाल में हुए खर्च का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की तो लग गया कि मोदी अभी इस मुद्दे को उठाएंगे।
लोकसभा चुनाव के बाद जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री पद सौंपकर नीतीश कुमार इसी आवास में रहने लगे थे। बाद में जब मुख्यमंत्री बने तो फिर मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास एक अणे मार्ग शिफ्ट हो गए थे लेकिन सात सर्कुलर रोड वाला आवास उनके पास ही था। बाद में सरकार ने उन्हें यह बंगला बतौर पूर्व मुख्यमंत्री आजीवन आवंटित कर दिया था।
पूर्व मुख्यमंत्री के हैसियत से आवंटित हुआ था बंगला
यह आवास नीतीश कुमार को बतौर पूर्व मुख्यमंत्री आवंटित हुआ था तो हंगामा खड़ा हो गया था। कभी सहयोग रहे भाजपा नेता सुशील मोदी ने इस आवास के आवंटन पर खूब तंज कसा था। कहा था कि नीतीश स्वार्थी हो गए हैं। इस क्रम में उन्होंने लालू परिवार का उदाहरण भी नीतीश के सामने रखा था।
कहा था कि पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और स्वास्थ्यमंत्री तेज प्रताप यादव एक ही बंगले में रह लेते हैं तो आखिर नीतीश कुमार को अपने लिए दो बंगला क्यों चाहिए? तब भाजपाइयों ने यह आरोप भी लगाया था कि नीतीश कुमार बतौर मुख्यमंत्री अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और इसी कारण उन्होंने अपने लिए दूसरे बंगले का प्रावधान किया है ताकि मुख्यमंत्री नहीं रहने की सूरत में इसका इस्तेमाल किया जा सके।
बंगला आवंटन पर सत्तापक्ष की ओर से भाजपा के आरोपों का तल्ख जवाब दिया गया था। उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने तो यहां तक कहा कि सुशील मोदी मर्यादा की सीमाएं लांघ रहे हैं। प्रतिशोध की आग में जल रहे मोदी जी मुख्यमंत्री नीतीश और लालू परिवार के कमरों की गिनती में जुटे हैं। लालू ने भी कहा था सरकार जब भी कोई निर्णय करती है, सुशील मोदी के पेट में दर्द हो जाता है।

