राजेस तिवारी
पटना |
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को कहा की पंचायत प्रतिनिधि छोटे मोटे झगड़ो का निपटारा अपने गांव में ही कर सकते है | नीतीश ने ग्राम कचहरी सदस्यों की पाठशाला लगाते हुए उन्हें कई गुर सिखाये | मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिवालय स्थित सभा कझ से वेबकास्टिंग के माध्यम से ग्राम कचहरी प्रतिनिधियों को भारतीय दंड विधान (आइपीसी ) की धाराओं के बारे में बताया |
ग्राम कचहरी को 15 दिनों में सौपे मामले मुख्यमंत्री ने बताया की ग्राम कचहरी के अधिकारी से जुड़े आपराधिक मामले थानों द्वारा उन्हें स्थानांतरित किए जाए | ग्राम कचहरी के अधिकारी वाले मामले अगर मामला दर्ज होने के 15 दिनों के अंदर उन्हें नहीं सोपे जाते है तो यह ग्राम कचहरी से जुड़े कानून की खिल्ली उड़ाना है | पुलिस अधिझको की यह जिम्मेवारी है की वे थानेदारों का इस बारे
में ओरिएटेशन करे | यह काम स्वतः होना चाहिए |
ग्राम कचहरी को प्रभावी बनाना चाहती सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा की सरकार का इरादा ग्राम कचहरी को प्रभावी बनना है | जिन धारा के अन्तर्गत ग्राम कचहरी को अधिकार दिए गए है उनके बारे में सबको बताया जाना चाहिए
उन्होंने ग्राम कचहरी के प्रतिनिधियों को समझाया की आपको जो करना है अपने पंचायत की सीमा में ही करना है ऐसा नहीं हो की आप दूसरे पंचायत की सीमा में चले जाए |
सहयोग करे थानेदार
मुख्यमंत्री ने कहा की यह जरूरी है की अलग -अलग पंचायतो में सबधित थानों के थानेदार जाए और सरपंच व पंच को उनके अधिकार व कर्तव्य के बारे में जानकारी दे | ग्राम कचहरी को उनसे जुड़े मामलो के निष्पादन हो सकेगा | निचली अदालतों व थानों पर से अनावशयक बोझ हटेगा |
महिलाओ की दिया 50 फीसदी आरझण
उन्होंने कहा की 2006 में हम लोगो ने बिहार पंचायती राज़ कानून में संशोधन किया तथा पंचायत चुनाव आरझण एव अन्य प्रावधानों के अनुरुप किया गया | सविधान में स्थानीय
निकायों के लिए एक तिहाई सीट महिलाओ के लिए आरझित करने का उल्लेख है इसमें संशोधन करते हुए बिहार में महिलाओ को 50 फीसद आरझण दिया गया |

