
जमशेदपुर।


शहर के कत्थक नृत्य को समर्पित संस्था नृत्यांगन इंस्टिट्यूट ऑफ़ परफोर्मिंग आर्ट्स , जमशेदपुर एवं दी बंगाल क्लब जमशेदपुर के तत्वाधान में बंगाल क्लब , साक्ची के सभागार में भारत की विविध संस्कृति शास्त्रीय नृत्य उत्सव “नटवरी नृत्य उत्सव” कत्थक , ओडिसी , मणिपुरी एवं भरतनाट्यम के साथ मना I
कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि बंगाल क्लब के अध्यक्ष श्री तापस कुमार मित्रा एवं विशिस्ट अतिथि आर०के अगरवाल एवं सुनील कुमार मिश्र ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया तत्पश्चात नृत्यांगन इंस्टिट्यूट ऑफ़ परफोर्मिंग आर्ट्स , जमशेदपुर के कलाकारों के द्वारा पंडित संदीप बोस एवं सौमि बोस के निर्देशन में सामुहिक नृत्य की प्रस्तुति दी गयी I इसके बाद शास्त्रीय नृत्यों की महफ़िल सजी जिसमे आमंत्रित कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी I
पहली प्रस्तुति में जमशेदपुर की नृत्यांगना शिंजिनी बोस ने एकल नृत्य में कत्थक पेश किये I इन्होने अर्धनारीश्वर नृत्य ने दर्शकों को सबको सम्मोहित कर लिया I
दूसरी प्रस्तुति में कोल्कता की ओडिसी नृत्य कलाकार सुबिकाश मुखर्जी ने एकल नृत्य में ओडिसी नृत्य प्रस्तुत किया I इन्होने अर्ध्य्नारिश्वर में हाथों की मुद्रा एवं भाव भंगिमा ने सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया I
तीसरी प्रस्तुति में जमशेदपुर के तरित सरकार ने एकल कत्थक नृत्य की की शानदार प्रस्तुति दी I
चतुर्थ प्रस्तुति में कोलकाता के नृत्य कलाकार प्रतीका कर्मकार एवं नम्रता चटर्जी ने जुगल नृत्य में मणिपुरी नृत्य प्रस्तुत किया I उन्होंने कृष्णा राधा की मनमोहक प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में समां बाँधा I
पंचम प्रस्तुति में कोल्कता की कविता कर ने एकल नृत्य में भरतनाट्यम नृत्य की शानदार प्रस्तुतियां दी , उन्होंने कीर्तन एवं भजन से प्राचीन भारतीय कला को जीवंत कर दिया। I
छठे प्रस्तुति में एकल नृत्य में कोल्कता के अनुरेखा घोष ने कत्थक नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी I उनकी भाव-भंगिमाओं , मुद्राओं , तटस्
सप्तम प्रस्तुति में जमशेदपुर की कलाकार शिवांजलि मुखर्जी ने एकल कत्थक नृत्य की प्रस्तुति दी I
अष्टम प्रस्तुति में कोलकाता की कलाकार राजा दत्ता ने चैती घोष ने युगल भरतनाट्यम नृत्य की प्रस्तुति दी I
नवम प्रस्तुति मे कोलकाता की नृत्यांगना मधुमिता रॉय ने एकल कत्थक की प्रस्तुति दी I
कार्यक्रम के पश्चात कलाकारों को पट्टे एवं सम्मान पत्र से सम्मानित किया गया साथ ही भरतनाट्यम गुरु रीता मित्रा एवं तबला गुरु मिहिर बनर्जी को विशेष योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया I कार्यक्रम में शहर के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे पूरा सभागार न्रित्याप्रेमियों से भरा पड़ा था Iअंत में धन्यवाद ज्ञापन नृत्यांगन इंस्टिट्यूट ऑफ़ परफोर्मिंग आर्ट्स , जमशेदपुर के संस्थापक पंडित संदीप बोस ने दिया अपने ज्ञापन में संस्था के संस्थापक पंडित संदीप बोस ने बताया की देश में ललित कलाओं और संगीत के क्षेत्र में आज बहुत सी ऐसी विधाएं है जो या तो बहुत कम देखी – सुनी जाती है या बिलकुल ही भुला दी गयी है I संस्था की ओर से ऐसी मृतप्राय कलाओं में फिर से प्राण फूंकने के उद्देश्य से इन परफोर्मेंस के जरिये संस्था युवाओं को कला और संगीत से रूबरू करवाने का निरंतर प्रयास कर रही है एवं शहरवासियों का इसी तरह का सहयोग रहा तो भविष्य में भी इस तरह के उत्सव का आयोजन आगे भी होता रहेगा I मंच का सञ्चालन ओलिविया बिस्वास ने बेहतरीन ढंग से किया I

