
सरायकेला।
जिले के सरायकेला थानांतर्गत विरामचंद्रपुर गांव में मंगलवार सुबह दिल दहलाने वाली घटना घटी। उक्त गांव में राजन तियु नामक एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को मारने और तीन बच्चों को घायल करने के बाद खुद भी जान दे दी। सरायकेला थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पांडेय ने बताया कि विरामचंद्रपुर गांव के राजन तियू नामक व्यक्ति ने मंगलवार अहले सुबह भुजाली से वार कर पहले अपनी पत्नी बुधनी तियू को गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। इसके बाद बेटी अनिता तियू, सुनीता तियू और बेटे को भी घायल कर दिया। इसके बाद खुद को भी भुजाली से घायल कर लिया। आसपास के ग्रामीणों द्वारा इसकी सूचना पुलिस को देने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस सभी घायलों को लेकर सरायकेला सदर अस्पताल पहुंची। वहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए बेटेको छोड़कर सभी को एमजीएम अस्पताल जमशेदपुर भेज दिया गया जबकि राजन तियू और बुधनी तियू की मौत हो गई। बेटी अनिता और सुनीता की हालत गंभीर बनी हुई है जिसका इलाज चल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि राजन तियू घर पर रहकर ही खेती-बाड़ी करता था। इधर कुछ दिनों से उसकी दिगामी हालत ठीक नहीं थी। मंगलवार को सुबह उसने भुजाली से पत्नी और तीन बच्चों को घायल कर दिया। बच्चों के चिल्लाने की आवाज सुनकर लोगों ने उसे काबू करने की कोशिश की तो वह गांव वालों को भी दौड़ाने लगा। कुछ देर गांव वालों को दौड़ाने के बाद राजन ने खुद को कमरे में बंद कर लिया और भुजाली से खुद को घायल कर लिया। इस बीभत्स घटना के बाद गांव में मातम सा। माहौल है। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने उस कमरे को खोला जिसमें राजन ने खुद को बंद कर रखा था। उसके बाद सभी घायलों को अस्पताल लाया गया।राजन और बुधनी ने जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में दम तोड़ दिया। छह वर्ष की बेटी अनिता और पांच वर्ष की सुनीता की हालत गंभीर बनी है। उसे गहन चिकित्सा कक्ष में रखा गया है। साढ़े तीन साल के बेटे शिव की हालत ठीक है और उसे सरायकेला सदर अस्पताल में रखा गया है। पड़ोसियों ने बताया कि उसने सोमवार शाम ही अपने भाई की बहू को कहा था कि उसे काफी डर लग रहा है और ऐसा लगता है कि कोई उसे मार देगा। रात में उसने सामान्य तरीके से खाना खाया और सो गया। सुबह पड़ोसियों ने बच्चों के रोने की आवाज सुनी तो दौड़ देखा कि कमरे का दरवाजा बंद है। लोगों ने दरवाजा खोलने की कोशिश की पर सफल नहीं हुए। उसके बाद छप्पर तोड़कर कमरे में दाखिल हुए। देखा तो सन्न रह गए। राजन की पत्नी और बच्चे लहूलुहान थे। जब राज को काबू में करने की कोशिश की तो दरवाजा खोलकर बाहर निकला और लोगों को दौड़ाने लगा। कुछ देर बाद फिर कमरे में गया और अंदर से कमरा बंद कर खुद को घायल कर लिया। लोगों को समझ में नहीं आ रहा कि उसने ऐसा कदम क्यों उठाया। जबकि वह अपने बच्चों से बेहद प्यार करता था।



