मधेपूरा-आखिर सोनम बेवफ़ा क्यों है?

 

SANJAY KUMAR SUMAN

संजय कुमार सुमन

जब से देश में नोटबंदी की घोषणा की थी उसके बाद से ही देश में सोशल मीडिया पर ‘सोनम गुप्ता बेवफा है’ का नोट वायरल हो गया। देश भर में अचानक से मजाक बना एक नाम ‘सोनम गुप्ता’ ने सोशल मीडिया पर तहलका मचाया हुआ है| आज कल सोशल मीडिया पर एक ही चर्चा चल रही है वह है सोनम गुप्ता बेवफा है। फेसबुक से लेकर ट्विटर तक और तमाम दूसरी सोशल साइट्स के पेज सोनम गुप्ता की वफ़ा और बेवफ़ाई से पटे पड़े हैं। 10 के पुराने नोट से लेकर 2000 के नए नोट तक यह लिखा हुआ दिखाई दे रह है | क्या सोनम गुप्ता सच में बेवफ़ा है? देश में नोट पर चर्चा के बाद आजकल ये सवाल अब हर हिंदुस्तानी की जुबान पर है। फेसबुक से लेकर ट्विटर तक और तमाम दूसरी सोशल साइट्स के पेज सोनम गुप्ता की वफ़ा और बेवफ़ाई से पटे पड़े हैं। नोट के लिए कतार में खड़े लोग हों या टीवी सीरियल से साजिशें सीखने वाली सास-बहुएं भी मोहल्ले भर की औरतों से पूछ रही हैं, कि क्या सच में सोनम बेवफ़ा है। नोटों की उलझन में फंसे बैंक कर्मचारी हों या दफ्तर में बैठे छोटे और बड़े बाबू सबकी चिंता यही है कि आखिर सोनम बेवफ़ा क्यों है?

10 के पुराने नोट से लेकर 2000 के नए नोट तक सोनम हर बार बेवफ़ा साबित की जा रही है। हिंदुस्तान से लेकर न्यूज़ीलैंड तक और अमेरिका से लेकर यूरोप तक। हर नोट पे बस एक ही नाम, सोनम गुप्ता बेवफ़ा है। लेकिन ये किसी को नहीं पता कि सोनम आखिर बेवफ़ा क्यों हुई? आखिर में सोनम गुप्‍ता है कौन, कहां से आई है और उसने ऐसा क्‍या कर दिया कि आज चारों तरफ उसकी बेवफाई के चर्चे हैं। इस मामले में यूपी बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष जूही सिंह ने सोशल मिडिया पर सोनम गुप्ता का मजाक उड़ाने के मामले का संज्ञान लेते हुए फेसबुक के सीईओ को निर्देश दिया है कि ये पता लगाए कि सोनम गुप्ता का प्रकरण कहा से शुरू हुआ है|
एक तरफ ऐसा करने से देश की कई बेटियों जिनका नाम सोनम गुप्ता है उन्हें परेशानिया उठानी पड़ रहे है वहीं नोट पर लिखने से नोट भी खराब होते हैं | देश के शीर्ष बैंक ने इसी साल के पहले माह में अपील की थी लोग नोट पर कुछ भी ना लिखें। इससे नोट की शेल्फ लाइफ कम होती है। नोट के जल्दी खराब होकर कटने-फटने की गुंजाइश बढ़ जाती है। हालांकि अभी तक ऐसा कोई नियम-कानून नहीं बनाया गया है जिसके आधार पर नोट पर लिखने वालों को कानून के दायरे में लाया जा सके।
‘सोनम गुप्ता बेवफा है’ नोटों पर लिख कर फेसबुक पर पोस्ट किया गया था जिसके बाद से ये मामला आगे बढ़ गया और लोग सोनम गुप्ता के नाम से अलग अलग बाते लिख कर सोशल मिडिया पर पोस्ट कर रहे थे । दो दिन में सात बार ट्वीटर पर सोनम गुप्ता का नाम ट्रेंड भी किया । जिसके बाद सोनम गुप्ता नाम की लडकियों पर छीटा-कसी शुरू हो गई है जिससे परेशान होकर यूपी समेत बिहार के कई सोनम गुप्ता नाम की लडकियों ने इस लिए स्कूल जाना बंद कर दिया क्योकि उनके स्कूल में चिढाया जा रहा था। यही हाल सभी जगह की है। सोनम नाम की लडकी का जीना हो है गया मुहाल। सोशल मीडिया पर वायरल हुए ‘सोनम गुप्ता बेवफा है’ के चर्चे सुन लड़के वालों ने शादी के तीन दिन पहले ही रिश्ता  तोड़ दिया। इसके चलते शादी वाले घर में जश्न की जगह माहौल निराशा में बदल गया।

मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक रामपुर(काल्पनिक नाम) इलाके के एक गांव की रहने वाली सोनम नाम की युवती की शादी धर्मपुर (काल्पनिक नाम) के रहने वाले एक लड़के से थी।

21 नवम्बर को बारात आनी थी। इससे पहले 15 नवम्बर को तिलकोत्सव था। दोनों पक्षों ने धूमधाम के साथ तिलक की रस्म अदायगी की। सबकुछ ठीकठाक चल रहा था। दोनों तरफ हंसी-खुशी के बीच शादी की तैयारियां चल रही थी। शादी के कार्ड बंट गए थे। हलवाई, टेंट दूध, सब्जी आदि जरूरी सामानों की बुकिंग पहले ही हो चुकी थी। इसी बीच सोशल मीडिया में वायरल हुई एक नोट सारी खुशियां काफूर कर दी।

सोनम गुप्ता बेवफा है लिखी इस नोट को देखने के बाद लड़के वाले भड़क गए। उन लोगों ने बगैर किसी देरी के बारात से तीन दिन पहले शादी करने से इंकार कर दिया। लड़के वालों का कहना है कि सम्भव है कि सोनम गुप्ता नाम की लड़की यही हो सकती है। ऐन वक्त लड़के वालों की तरफ से रिश्ता ठुकराए जाने की खबर सुनते ही कन्या पक्ष स्तब्ध रह गया। कन्या पक्ष के लोगों ने रिश्तेदारों की मदद से लड़के वालों को काफी समझाने का प्रयास किया। पर, वो किसी भी सूरत में शादी करने को राजी नहीं हुए।

‘सोनम गुप्ता बेवफा है’, पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर ये वायरल हो रहा है। लेकिन अब इस वायरल कंटेट का बुरा असर लोगों की असल जिंदगी पर भी पड़ने लगा है। सबसे बड़ी दिक्कत तो सोनम गुप्ता नाम की लड़कियों को उठानी पड़ रही है। कहीं शादी टूट रही है तो कहीं फ्रेंड सर्किल में उनकी टांग खींची जा रही है। उनके अपने दोस्त-यार भी शक की नज़रों से देखने लगे हैं।

सोनम गुप्ता बेवफा है इसके पीछे एक लंबी कहानी है%&

गर्ल्स कॉलेज में पढ़ने वाली सोनम ने जब जवानी की दहलीज़ पर कदम रखा तो चौदहवीं का चांद भी उसकी खूबसूरती के सामने ठहरता नहीं था। सोनम जब मोहल्ले से गुजरती थी तो गली के लड़के एक झलक की खातिर पलकें बिछाये रहते थे। सोनम छत पर पहुंच जाये तो सारा मोहल्ला पतंगों के बहाने से छतों की मुंढेरों पर चढ़ जाता था। सोनम जरा सा मुस्कुरा दे तो जमाने भर के लड़के बेहोश हो जाते थे।

वक़्त के साथ सोनम का रूप रंग निखरता जा रहा था। उसके घर में चिट्ठियों के बण्डल जमा होने लगे थे। गुप्ता जी के घर की इकलौती बिटिया का खर्च सारा जमाना उठाने को तैयार था। इधर सोनम की दीवानगी बढ़ रही थी, उधर उसके नखरे भी बढ़ने लगे थे। गुप्ता जी की बिटिया मोहल्ले भर की आंखों का नूर हो गयी थी। दादी के जिगर का टुकड़ा जवान लडकों  के दिल की धड़कन बन चुकी थी।

15 साल के लडके से लेकर 56 साल के अंकल तक उसके इश्क़ में दीवाने थे। सोनम पर लाखों दिल कुर्बान थे, लेकिन सोनम की मजबूरी तो ये थी कि वो किसी एक को ही पसंद कर सकती थी। रोज़ रोज़ की चिट्ठियां तो सोनम सबकी पढ़ती भी नहीं थी। छत पर टहलते वक़्त सोनम की निगाहें एक लड़के पर रहती थीं। अपनी खिड़की से छुप-छुप कर उसका सोनम की तरफ देखना, सोनम को बहुत पसंद था। कनखियों से सोनम को देखने की उसकी अदा पर सोनम मर मिटी।

सोनम से नजरें चार हुईं तो उस लड़के की हिम्मत बढ़ने लगी।डरपोंक से दिखने वाला इनकम टैक्स अफसर शर्मा जी के छोरे ने एक दिन 10 के नोट पे सोनम आई लव यू लिखकर सोनम की तरफ फेंक दिया। सोनम ने नोट उठाकर देखा, तो पहले तो शर्मा जी के लड़के को घूरकर देखा लेकिन फिर एक हंसी मुस्कान के साथ नोट जेब में रख लिया।बस इसी के साथ इश्क का नमक मुहब्बत की चाशनी में ऐसा लिपटा कि सोनम शर्मा जी के लड़के की जान बन गयी।

अब सोनम को शर्मा जी का लड़का हर रोज एक नोट पे आई लव यू लिखकर भेजने लगा। इस तरह सोनम की गुल्लक भी भरने लगी और इश्क भी हर रोज परवान चढ़ने लगा।अभी इश्क के मदरसे में दोनों नए नए तालिब थे।नयी जिन्दगी के नए सपने देख रहे थे। लेकिन इश्क और मुश्क कभी छुपता कहां है। एक दिन मास्साब ने दोनों को गुटरगूं करते पकड़ लिया और घर पे शिकायत पहुंच गयी। उस शाम दोनों की बहुत कुटाई हुई। लेकिन इश्क का भूत उतरा नहीं। तैश में आकर गुप्ता जी उस दिन शर्मा जी को भी औकात में रहने की नसीहत दे आये थे। बड़े अफसर ठहरे शर्मा जी अपमान का कड़वा घूंट पीकर रह गए थे।

सोनम और शर्मा जी का लड़का बगावत पे उतारू हो गए। घर से भागने और जीने मरने के प्लान बनाने लगे। कोशिश थी किसी कीमत पर सात फेरे लेने की। अभी मामला प्लानिंग में था। लेकिन उनकी ज़िन्दगी में एक ऐसी तारीख आई जिसने सोनम को बेवफा बना दिया। वो तारीख थी 8 नवंबर 2016 । टीवी पे देश के प्रधानमंत्री ने ऐलान कर दिया कि आज से 500 और हजार के नोट बंद। सरकर ने काले धन वालों पे शिकंजा कसना शरू कर दिया। इनकम टैक्स की छापेमारी शुरू हो गयी और पहला शिकार गुप्ता जी बन गए। आज मौका शर्मा जी का था और आज उन्होंने गुप्ता जी से पुराना हिसाब चुकता कर लिया। बस यहीं से सोनम और शर्मा जी के लड़के में दूरियां पैदा हो गयीं और वो कम्बख्त अब नोटों पे लिखने लगा है कि सोनम गुप्ता बेवफ़ा है।

नोट बंदी के तनाव के बीच शायद हर किसी को एक राहत की तलाश थी और वह तलाश पूरी हुई सोनम गुप्ता बेवफा है कि पंक्ति पर। यह पंक्ति इन दिनों सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही है। कहते हैं कि किसी दिलजले ने कई साल पहले एक 10 रूपए के नोट पर लिख दिया था कि सोनम गुप्ता बेवफा?

जवाब में  किसी मनचले ने भी 10 रूपए के नोट पर लिखा कि 10 के नोट पर लिखा इसीलिए सोनम बेवफा हो गई। अब फिर जवाब 2000 पर आ गया है कि सोनम गुप्ता बेवफा है। भले ही आम जनता को ये नोट खर्च करने के लिए ना मिल रहे हों लेकिन कासिद यानी डाकिये का काम पूरी तरह निभा रहे हैं।
अब सोनम के बहाने कई कहानियां चल पड़ी हैं। कोई वीडियो बना रहा है कोई अपनी राजनीतिक तकलीफ साझा कर रहा है। कोई लिख रहा है की एटीएम इमोशनल रीजन की वजह से काम नहीं कर रहा क्योंकि सोनम बेवफा है। इन तमाम लेखकों ने इतना कुछ लिख दिया कि वह ट्रेंड करने लगा। देश की तमाम तकलीफों से ऊपर। इसीलिए कहते भी हैं कि दर्द के आगोश में ही हास्य पैदा होता है। आज हमारे पैनलिस्ट से कई बातें समझने की कोशिश करेंगे कि ये सोशल मीडिया में चीजें किस तरह से ट्रेंड करती हैं और जब मुन्नी बदनाम हुई और शीला की जवानी जैसे अश्लील गीत आए थे तब  इन नाम वालों की तकलीफ बहुत बढ़ गई थी। क्या सोनम के साथ भी ऐसा कुछ है ?
सोनम गुप्ता का नाम हर किसी की ज़ुबां पर है। सोशल मीडिया में वायरल है सोनम। सोनम बेवफा है और वह बेवफा क्यों बन गई? इसको जानने के लिए क्यों उत्सुकता जाग रही है? आखिर एक लड़की के सम्मान का मामला आता है तो समाज उसकी इज्जत को तार तार क्यों कर देता है? चलिए आज सोनम गुप्ता के बेवफा होने से बड़ा पर्दा हटने वाला है। इसके लिए उत्तर प्रदेश बाल संरक्षण आयोग की जूही सिंह सोशल मीडिया वेबसाइट फेसबुक को पत्र भेजने की तैयारी में हैं।
10 के नोट पर लिखे सोनम गुप्ता बेवफा है से वाक्य से सोनम का नाम सबकी जुबां पर आ गया। धीरे-धीरे सोशल मीडिया पर ऐसा छाया की एक लड़की का मज़ाक उड़ाने वालों ने अपनी अपनी तरह से इस पर खिल्ली उड़ाई। कई चुटकुले बने, पीएम मोदी और केजरीवाल तक सोनम गुप्ता से जोड़ दिए गए।
सोशल मीडिया पर सोनम कौन है? के सवाल उठने लगे। हालांकि इस दौरान सोनम नाम की लड़कियां इस मज़ाक से इतना आहात हो चुकी थीं की वह इस बारे में बात करने से भी बचने लगीं। स्कूल, कॉलेज में सोनम नाम की लड़कियों को चिढाने का सिलसिला शुरू हो गया। इस घटना के बाद लखनऊ की कई सोनम गुप्ता नाम की किशोरियों ने घर से बाहर निकलना छोड़ दिया है।
सोनम नाम के कई परिवारों ने यूपी बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष जूही सिंह से इस बात की शिकायत की है की स्कूल में उनकी बेटियां जाने से कतराने लगी हैं। लड़के उसका मज़ाक उड़ाते हैं। परिजनों का कहना है की उस व्यक्ति को सार्वजानिक करके उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए जिसने एक लड़की के चरित्र को बदनाम करने की कोशिश की है।

जिक्र इस बात की भी होने लगी कि ‘गांधी जी बदल गए, नोट बदल गया, देश बदल रहा है, लेकिन सोनम गुप्ता बेवफा थी, बेवफा है और बेवफा रहेगी। ऐसा कहा जाता है कि जो जाता है, वो एक बार वापस जरूर आता है। तो सोनम गुप्‍ता का भी जवाब आया। 10 रुपए से लगाए गए इल्‍जाम का जवाब सोनम में 100 रुपए से दिया। सोनम ने 100 रुपए के नोट पर लिखा ”हां मैं बेवफा हूं, जो…………….।

जूही सिंह ने बताया कि हम एक शिकायत वाला पत्र फेसबुक को भेज रहें हैं जिसमें हम यह जानकारी मांगेंगे की आखिर किस व्यक्ति ने सोनम गुप्ता बेवफ़ा है लिखे जाने वाले नोट को पोस्ट किया था? इस काम के लिए साइबर सेल की भी मदद ली जाएगी। उन्होंने माना की इस तरह से किसी लड़की के नाम की चर्चा होना दुर्भाग्य की बात है।
लड़कियों के लिए यह टिप्स 
-सोशल मीडिया में एक्टिव हैं तो सावधान रहे
-सोनम नाम की लड़कियां इस बात से आहात न हों, कई बातों को अनसुना करना बेहतर
-आप फेसबुक पर हैं तो सोनम गुप्ता टॉपिक पर चर्चा मत करें न ही किसी को सफाई दें
-अजनबियों से फेसबुक पर दोस्ती न करें
-अगर आपको कोई बार बार सोनम गुप्ता नाम से तंग कर रहा है तो शिकायत करें 

 

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