कोडरमा।
कई मामलो में पुलिस पर संवेदनहीनता का आरोप लगता रहा है और जब बात रेलवे पुलिस से जुडी हो तो आरपीएफ और जीआरपी एक दुसरे का क्षेत्र बताकर अपनी संवेदनहीन होने का सबुत अक्सर दिया करती है। ऐसा ही एक वाक्या गुरूवार को कोडरमा स्टेशन से महज सौ मीटर की दुरी पर देखने को मिली जब ट्रेन से गिरकर घायल को अस्पताल पहुंचाने के लिए घंटो इंतजार के बाद भी पुलिस नहीं पहुंची। धनश्याम नाम का एक सख्श दिल्ली से आ रही पुरूषोत्तम एक्सप्रेस अपने घर डुमरी जा रहा था तभी कोडरमा स्टेशन से तकरीबन सौ मीटर की दूरी पर वह चलती ट्रेन से गिर गया। तकरीबन एक घंटे तक रेलवे लाइन के किनारे छटपटाता रहा लेकिन कोडरमा जीआरपी और आरपीएफ को व्यक्तिगत सुचना और टेलीफोनिक सुचना दी गयी है बावजूद इसके पुलिसकर्मी ने घायल व्यक्ति तक पहुचने की जहमत नही उठायी। प्रत्य्क्षदर्शिओ के मुताबिक ट्रेन से गिरने के बाद घायल वयक्ति लगातार कराह रहा था। जीआरपी और आरपीएफ को सूचना देने वाले युवक सुमित श्रीवास्तव ने बताया की आरपीएफ और जीआरपी एक दूसरे का मामला बताकर दौड़ा रही थी। जब पुलिस नहीं पहुंची तो इस क्रम आसपास के दर्जनो युवक जमा हुए और पुलिस का इंतेजार करने के बाद मीडिआ की पहल पर युवको ने घायल को टेम्पु से सदर अस्पताल पहुचायंा। सदर अस्पताल में फिलहाल घायल घनश्याम का इलाज किया जा रहा है। मौके पर मौजुद युवको के अनुसार घायल व्यक्ति को डुमरी जाना था और उसके पास दिल्ली से पारसनाथ स्टेशन तक का टिकट था। मौके पर मौजूद युवको ने बताया की पत्रकारों के फोन पर सूचना के बावजूद रेल पुलिस घायल को अस्पताल पहुंचाने नहीं आई बहरहाल युवको की तत्परता और सुझबुझ से घायल व्यक्ति को इलाज के लिए सदर अस्पताल तक पहुचाया गया। वहीं इस मामले में जीआरपी के राम सिंह ने यह कहते हुए पल्ला झाडा की सुचना मिली थी और दो पुलिसकर्मी को भेजा भी है। लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिल घटना स्थल और जीआरपी की दुरी सौ से दो सौ मीटर का फासला होने के बावजुद लाचार इंसान को बचाने के लिए पुलिस का न पहुचना जीआरपी की संवेदनहीनता बताने के लिए काफि है।



