जमशेदपुर-भारी बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने हाई एलर्ट जारी किया

 

जमशेदपुर।

शहर और इसके आस-पास ईलाके मे दो दिनो से लगातार हो रही बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने हाई एलर्ट जारी कर दिया है। वही भारी बारिश के काऱण स्वर्णरेखा और खरखाई का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया है। अगर ओड़िसा का व्यंयबिल डैम का फाटक खोला गया तो मंगलवार की सुबह तक खऱखाई और स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर खतरे का निशान से  काफी पार कर जाएगा।वही जिला प्रशासन ने नदियो का जलस्तर बढता देख निचले ईलाको मे रहने वाले लोगो के लिए राहत केन्द्र खोल दिया है।

मानगो, कदमा, जुगसलाई और बागबेडा मे हाई एलर्ट—एस डी ओ

घालभुम के एस डी ओ सुरज कुमार ने कहा कि शहर मे लगातार दो दिनो से बारिश के कारण खऱखाई और स्वर्णरेखा नदियो का जलस्तर बढ गया है। वही चाण्डिल डैम का फाटक खोल दिये जाने के कारण स्वर्णरेखा का जलस्तर मे काफी ईजाफा हुआ है।वही ओड़ीसा से हो  रही बारिश के कारण देर रात कर व्यंगविल डैम का फाटक खोला जा सकता है। इस कारण मंगलवार की सूबह 5 बजें तक खरखाई और स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर बढ सकता है। और नीचले ईलाके पानी  आ सकता है । उसे देखते हुए जिला प्रशासन ने मानगो, कदमा, जुगसलाई और बागबेडा मे हाई एलर्ट जारी कर दिया है। ताकि नीचले ईलाके मे रहने वाले लोगो को  उचित स्थान मे शऱण ले । उन्होने कहा कि बागबेड़ा का स्वीस गेट को खोला गया है। खरखाई मे पानी की कमी होगी तो दुसरा खोला दिया जाएगा।।  उन्होने कहा कि प्रशासन की ओर से सारे जगहो पर राहत  केन्द्र खोल दिया गया है।और जे एन ए सी और एम एन ए सी के अलावा जुगसलाई नगर पालिका राहत कार्य करने के लिए आदेश दे दिया गया है।

और दो दिन पानी होने की संभावना

उन्होने कहा कि मौसम विभाग से जो जानकारी  प्राप्त हुआ है उसके देखते हुए  अभी और दो दिन बारिस होने की संभावना है। इस कारण जिला प्रशासन सारी वस्तु स्थिती को देखते हुए नदी के निचले ईलाको मे रहने वाले लोगो को सचेत  कर दिया।

शहर का जनजीवन हुआ अस्त व्यस्त

वही शहर मे बारिश होने के कारण शहर का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। सड़को पर गाड़िया न के बराबर चल रही है।गणेश पूजा के साथ साथ शिक्षक दिवस होने  के बावजुद शहर की सड़के सुनी देखी जा रही है। स्कूलो मे बच्चे न के बराबर पहुंचे है। बाजार भी सुन सान रहा ।वही भारी बारिश के कारण कई घरो मे नालियो का पानी घुस चले जाने के लोगो को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

 

 

 

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