सुपौल- गणपतगंज में कोशी की विशाल धरोवर गणपत गंज मंदिर जो वरदाज़ परु मल देव स्थानम का विशाल गोपुरम

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सोनू कुमार भगत/ रवि रौशन कुमार

f4322d45-d0b3-43b6-86b0-4c1dd22c0d00सुपौल।

इस भागम भाग ज़िंदगी के दोर मे जिनहे अपने साथ साथ समाज वो देश की भी चिंता वे खुद के लिए तो कुछ करते है वो समाज के लिए भी कुछ कर पा रहे है वीसे ही गणपत गंज निवासी दर्शिनीक वेष्णव व उदविधवान स्व जय नारायण मललिक के पुत्र परसीद सर्जन डॉ पीके मललिक स्व मललिक के परिवार जानो की करती आज वरदाज़ परु मल देव स्थानम का विशाल गोपुरम का विष्णु मंदिर के रूप मे क्षितिज पर चमक रही है 15 एकर भू भाग मे फेले निर्मित यह मंदिर आज लोगो के आस्था का अकराहक कन्दरा बना हुआ है

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यह मंदिर निर्माण मे 12 वर्ष लगे साउथ भारत के कांची पुरम के वरदाज़ मंदिर के तर्ग पे बना है भारतीय स्तापतीया व मूर्ति कला का बेजोर नमूना माना हुआ है 30 अप्रैल 2015 से 5 मई2015 तक मेल कोटे के गढ़ी स्वामी के निर्देसन इस मंदिर का संप्रोषिओन कार्य सम्मापन हुआ उसके बाद 5 मई 2015 से यह मंदिर जनता को समर्पित कर दिया गया यह तो सच है की दुनिया मे आते बहुत है पर उन मे से बिरले ही कुछ अपनी संस्कृति छोर जाते है ओर दुनिया मे उनकी करती सदा अमित बनकर याद की जाती है  वरदराज पेरुमल ट्रस्ट के अद्यक्ष प्रसिद सर्जन डॉ मललिक बताते है की उनके परिवार जानो दावरा वेष्णव धर्म के प्रचार प्रसार के लिए  विष्णु मंदिर का निर्माण करवाया गया है आज लोगो के आस्था का आक्रासन केंद्र बना हुआ है यहा बता दे की कोशी का ये छत्रे  सिर्फ बिहार की ही नहीं बल्कि पूरे विश्व रिकॉर्ड की तरह है

सफलता पाने को जिशने भी अपने होशले को बुलंद किए सफलता उसकी कदम चूमी है

आज उनकी कृति छितिज पर चमक रही है कोशी की विश्व धरोहर गणपत गंज मंदिर जो  इस कोशी छत्रे  का विष्णु मंदिर कहलाता है

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