पटना>
अंधरे गावो को रोशन करने मे बिहार देश में अवल है । पहले राजीव गाँधी ग्र मिने वीधुतकरण और अब दिनदयाल उपाध्याय जयोति ग्र।म योजना के
तहत चल रहे ग्र। मिने विद्युतकरन योजना में बिहार ने 19 राजयो में परथम स्थान हासिल किया ।
31 मार्च 2015 तक बिहार के 2747 गावों में बिजली नहीं थी | वित्तीय वर्स 2015 -16 में बिहार को 1632 गावो में बिजली पहुँचाने का लक्ष्य दिया गया |
सही तरीके से की गयी निगरानी,एजेंसियों पर दवाब और सरकार की ढिर एाकचा शक्ति के कारन लक्ष्य से अधिक गावो में बिजली पहुंची ।
31 मार्च 2016 को समाप्त हुए वित्तीय वर्स में बिहार ने 1754 गावो तक बिजली पहुंचायी | यह लछ य से 122 गावों अधिक है |
केन्द सरकार के सावर्जनिक उपक्रम रूरल ए लेक्टृफकशन कॉरपरेशन लिमिटेड ने इस संबंध में रिपोर्ट जारी की है रिपोर्ट के अनुसार बिहार के बाद
दो तीन राज्य ही ऐसे रहे जो लक्ष्य से कूछ अधिक गांवों तक बिजली पहुंचाने में कामयाब हो सके है | उतरप्रदेश ,झारकंड ,असम छत्तीसगड,उड़ीसा ,हरियाणा
जैसे राजयो में ग्रामीण विद्युतकरन काफ़ी धीमा होने से केन्द्र ने फटकार लगाई है |
माह दर माह लक्ष्य तय पिछले वर्ष की सफलता को देखते हुए बिज़ली कंपनी ने मौजूदा वितये वर्स में 993 गावो में बिजली पहुंचाने के लिए महीने के
अनुसार लक्ष्य तय कर लिया है | अप्रैल मै 62,मई में 74 ,जून मे 110 ,जुलाई मे 258, अगस्त मे 248 और सितंबर में 241 गॉव यानी कुल 993 गॉवो
मै बिजली पहुँच जाएगी | कोसिस है की दिसंबर बजाये सितंबर में ही लक्ष्य को पूरा कर लिया गया |
