जमशेदपुर।
पूर्वी सिंहभूम जमशेदपुर पुलिस ने एक एैसे अंतराज्यीय गिरोह का पर्दाफास किया है जो देश के विभिन्न स्थानो में चालक को बंधक बनाकर उसकी गाड़ियो को लूट लिया करता था। इसका खुलासा तब हुआ जब 06 अक्तुबर 2015 को श्यामसुन्दरपुर थाना क्षेत्र में दर्ज मामले का अनुसंधान शुरू किया गया।
यह थी घटना
श्यामसुन्दरपुर थाना कांड सं0 46/15 दिनांक 06.10.15 धारा 392 भा0द0वि0। मे maruti ertiga की लूट की घटना तीन अज्ञात अपराधकर्मी के नाम से वादी विनोद कुमार मांझी, पिता- रामाधार मांझी, सा0 37/4 घोश गार्डेन रोड ढाकुरिया कोलकता-31 के कांड दर्ज किया गया था।
ऐसे हुआ खुलासा
वरीय पुलिस अधीक्षक जमशेदपुर के निर्देश पर जब जांच ‘की तो पता चला जो गिरोह श्यामसुन्दरपुर क्षेत्र में लूटी गयी घटना में संलग्न है उसके तार ना सिर्फ बिहार बल्की दिल्ली एवं अन्य प्रदेश से जुडे हुए हैं। इसी दौरान बिहार के रहने वाले मो इम्तियाज के बारे में पता चला जो बिहार के गया जिला के पोस्ट दखनेर का निवासी है। उसका पूरा पता लगाने के बाद जमशेदपुर से एक टीम को बिहार भेजा गया और तीन दिनों तक कडी मश क्कत करने के बाद उसे आखिर दखनेर से गिरफतार कर लिया गया । उसके बाद उसका गिरफतारी मेमो बनाने के बाद जमशेदपुर लाया गया। जमशेदपुर में उससे पूछताछ के दौरान उसने पूरे मामले का खुलासा किया और बताया कि उसका गिरोह देश के विभिन्न स्थानों में फैला हुआ है और उसका एक साथी विकास अग्रवाल उर्फ प्रीतपाल सिंह उर्फ राजू सिंह राजस्थान के उदयपुर की जेल में बंद है।
ये बातें आयी पूछताछ में सामने
उसने बताया है कि उसके गिरोह की विषेश नजर नयी इनोवा गाडियों पर रहती थी। किसी भी शहर में गिरोह एक ही घटना को अंजाम देता थाकि वह पकडा नहीं जा सके। पिछले दस साल से उसका गिरोह सक्रिय था लेकिन अभी तक गिरफत में नहीं आया था। उसकी नजर नयी गाडियों पर होती थी और सभी गाडियों को वे लोग फर्जी कागजात बनाकर गुजरात राज्य के पोरबंदर इलाके में भी बेच दिया करते थे।
हरियाणा में गाडी बरामद
जांच के दौरान यह भी बात सामने आयी कि श्यामसुन्दरपुर कांड सं0 46/15 दिनांक 06.10.15 धारा 392 भा0द0वि0 की लूटी गयी थी जिसकी प्राथमिकी गाडी चालक विनोद कुमार माझी ने दर्ज करायी थी वह हरियाणा के दरखल चैकी क्षेत्र से बरामद कर लिया गया।
खास बात
लुटेरों का यह गिरोह पूरी तरह आधूनिक था जो इंटरनेट, व्हाटसएप का इस्तेमाल करते हुए फर्राटेदार अंग्रेजी बोलकर किसी भी एजेंसी वाले को अपने झांसे में फंसा लेता था। पहनवा भी इनका ऐसा होता था कि कोई श क नहीं कर पाता था। वाहनों की बुकिंग में ये नयी गाडी की मांग करते थे। रास्ते में चालक को नषा खिलाकर या फिर बांध कर गाडी से उतार देते थे और गाडी लेकर फरार हो जाते थे।
क्या करता था व्हाटसएप्प से
लूट के बाद गाड़ी को ले जाने के दौरान चेकिंग से बचाने के लिए पोरबन्दर से फर्जी कागजात मंगवाता था। उसके बाद उसे तत्काल ही रंगीन प्रिंट हाउट निकालकर वाहन में रख लेता ताकि कहीं पकडा जाए तो उसका इस्तेमाल बचने में किया जा सके।
अपराध षैलीः- 1. विकास अग्रवाल के फर्जी नाम से पहले गिरोह गाड़ी की बुकिंग कराता
था।
2. हरेक लूट में फर्जी सीम तथा नये मोबाईल का इस्तेमाल करता था।
3. किसी श हर में दूबारा लूट नही करना, नये कांड के लिए नये श हर की
तलाश करना।
4. इनोवा गाड़ी की विषेशतः लूट करना।
5. अपराधी द्वारा फर्रटेदार अंग्रजी का इस्तेमाल करना।
6. नयी गाडी को लूटना।
7. सभी गाड़ी को पोरबन्दर ,गुजरात में बेचना।
8. इंटरनेट से ट्रैवल एजेंन्सी का नं0 लेकर गाड़ी बुक करना।
9. लूट के बाद गाड़ी को ले जाने के दौरान चेकिंग से बचाने के लिए
पोरबन्दर से फर्जी कागजात मंगवाता था।
गिरफतार अभियुक्तः- 1. मो0 इम्तियाज पे0 मो0 खलील , ग्राम -पो0 दखनेर, थाना परैया, जिला
गया बिहार।
अन्य अभियुक्तः- 1. विकास अग्रवाल उर्फ प्रितपाल सिंह उर्फ राजू सिंह, उर्फ इकनजीत सिंह
पे. सुरेन्द्र सिंह उर्फ नरेन्द्र सिंह इस ढंग के मामले में उदयपुर जेल में
बंद है।
2. पंकज सिंह, पे0 उमाकान्त सिंह, ग्राम-पो0 दखनेर , थाना परैया जिला
गया बिहार जो फरार है।
अन्य अपराधः- 1. कांड सं0 00 थाना रक्षा, जिला झांसी, (उतर प्रदेश ) दिनांक 27.8.15
2. अन्य कांड – फरीदाबाद ,उदयपुर व अन्य दूसरे प्रदेश में
बरामद गाड़ी की स्थितिः- तीन लूट की गाड़ी दरखल पुलिस चैकी, हरियाणा में रखा गया है जिसमें एक श्यामसुन्दरपुर से लूटी हुई है।
काण्डों के उदभेदन में सम्मिलित पदाधिकारी/कर्मी
1. पु0नि0 मिथलेश कुमार, धालभूमगढ़ अंचल।
2. पु0अ0नि0 मुकेश चैधरी, थाना प्रभारी ष्यामसुन्दरपुर।
3. आरक्षी- चन्द्रदेव सिह, ष्यामसुन्दरपुर थाना।
4. इसमें बिहार के गया जिला के परैया थाना प्रभारी पंकज कुमार सिंह का भी सहयोग रहा।




