रतन टाटा पर लगाया आदिवासियों के हत्या का आरोप
जमशेदपुर।
एक ओर जहां पूरा शहर जमशेदपुर के संस्थापक जमशेत जी नौशेरवानजी टाटा की 177वीं जयंती को सेलिब्रेट कर रहा है वहीं दूसरी ओर आदिवासी महासभा के सदस्यों ने जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना- प्रदर्शन कर संस्थापक दिवस का विरोध जताया. समासभा के सदस्यों ने टाटा ग्रुप से अवकाश प्राप्त पूर्व चेयमैन रतन टाटा को आदिवासियों का हत्यारा बताते हुए जिले के उपायुक्त को राष्ट्रपति के नाम संबोधित आठ सूत्री ज्ञापन सौंपा. सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से महासभा के प्रवक्ता कृष्णा हांसदा ने बताया कि टाटा घराना आदिवासियों को छलने का काम कर रही है. विस्थापितों को मुआवजा के नाम पर अब तक किसी प्रकार की राशि या नौकरी नहीं दी गई. इसके अलावे उन्होंने बताया कि आदिवासियों के जमीनों को पूंजिपतियों को देकर टाटा पैसे कमा रही है एवं आदिवासियों को सड़कों के किनारे भी व्यवसाय करने नहीं दे रही. दिनोंदिन आदिवासी पलायन कर रहे हैं. टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा को उन्होंने आदिवासियों का हत्यारा बताते हुए कहा कि ओडिसा के कलिंगानगर प्रोजक्ट का विरोध कर रहे आदिवासियों को उन्होंने हत्या करवा दी ऐसे में संस्थापक दिवस का उनके लिए कोई महत्व नहीं रह जाता.




