जमशेदपुर-सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करेगी

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एकीकृत कृषि विपणन ई-प्‍लेटफॉर्म इस वर्ष 14 अप्रैल को राष्‍ट्र को समर्पित किया जाएगा

केंद्रीय वित्‍त मंत्री श्री अरुण जेटली ने आज लोकसभा में वित्‍त वर्ष 2016-17 का आम बजट पेश करते हुए कहा कि उनकी सरकार खाद्य सुरक्षा से और आगे बढ़ने तथा हमारे किसानों में आय सुरक्षा की भावना भरने का इरादा रखती है। इस संदर्भ में, सरकार की योजना किसानों की आय दोगुनी करने की है। उन्‍होंने कृषि एवं किसानों के कल्‍याण के लिए 35,984 करोड़ रुपए आवंटित किए। उन्‍होंने कहा कि सरकार का इरादा जल संसाधनों के अधिकतम उपयोग की समस्‍या को दूर करने, सिंचाई के लिए नए बुनियादी ढांचे का निर्माण करने, उर्वरक के संतुलित उपयोग के साथ मृदा उर्वरता को संरक्षित करने एवं कृषि से बाजार तक संपर्क मुहैया कराने का है। श्री अरुण जेटली ने कहा कि 141 मिलियन हेक्‍टेयर शुद्ध खेती वाले क्षेत्रों में से केवल 65 मिलियन हेक्‍टेयर ही सिंचित हैं। इस बारे में, उन्‍होंने ‘प्रधानमंत्री सिंचाई योजना’ की घोषणा की जिससे कि अन्‍य 28.5 लाख हेक्‍टेयर क्षेत्र को सिंचाई के साथ लाने के लिए मिशन मोड में क्रियान्वित किया जा सके। उन्‍होंने कहा कि एआईबीपी के तहत 89 परियोजनाओं को फास्‍ट ट्रैक किया जाएगा जो अन्‍य 80.6 लाख हेक्‍टेयर क्षेत्र को सिंचाई के तहत लाने में मदद करेगा। उन्‍होंने इन परियोजनाओं में से 23 को 31 मार्च 2017 से पहले पूरा करने का वादा किया। इन परियोजनाओं के लिए अगले वर्ष 17 हजार करोड़ रुपए और अगले 5 वर्षों में 86,500 करोड़ रुपए की आवश्‍यकता है। वित्‍त मंत्री श्री जेटली ने घोषणा की कि लगभग 20 हजार करोड़ रुपए की प्रारंभिक कार्पस राशि से नाबार्ड में एक समर्पित दीर्घावधि सिंचाई निधि बनाई जाएगी। बहुपक्षीय वित्‍त पोषण के लिए 6 हजार करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से भूजल संसाधनों के ठोस प्रबंधन के लिए एक ऐसे ही कार्यक्रम का भी प्रस्‍ताव रखा गया है।

श्री जेटली ने मार्च 2017 तक 14 करोड़ कृषि जोतों के कवरेज के लिए मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड योजना के लिए लक्ष्‍य निर्धारित कर रखा है। यह किसानों को उर्वरक का उचित उपयोग करने में सहायक होगा। उन्‍होंने कहा कि उर्वरक कंपनियों के 2,000 मॉडल खुदरा विक्रय केंद्रों को अगले तीन वर्षों में मृदा एवं बीज परीक्षण सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। उन्‍होंने जैव खेती के तहत 5 लाख एकड़ वर्षा जल क्षेत्रों को लाने के लिए ‘परंपरागत कृषि विकास योजना’ की घोषणा की। उन्‍होंने पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में ‘जैव मूल्‍य श्रृंखला विकास योजना’ प्रारंभ की जिससे कि उनके जैव उत्‍पादों को घरेलू एवं निर्यात बाजार प्राप्‍त हो सके।

श्री जेटली ने घोषणा की कि इस वर्ष 14 अप्रैल को डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर के जन्‍मदिवस पर एकीकृत कृषि विपणन ई-मंच राष्‍ट्र को समर्पित किया जाएगा। उन्‍होंने कहा कि देश के शेष 65 हजार गांवों को जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को 2021 से बढ़ाकर 2019 कर दिया जाएगा। उन्‍होंने सभी किसानों तक न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य सुनिश्चित करने के लिए तीन विशिष्‍ट पहलों की घोषणा की, जिसमें खरीदारी का विकेन्‍द्रीकरण, एफसीआई के माध्‍यम से ऑनलाइन खरीदारी प्रणाली और दालों की खरीदारी के लिए प्रभावी प्रबंध करना शामिल है।

वित्‍त मंत्री ने दुग्‍ध उत्‍पादन को अधिक लाभकारी बनाने के लिए पशुधन संजीवनी, नकुल स्‍वास्‍थ्‍य पत्र, उन्‍नत प्रजनन प्रौद्योगिकी, ई-पशुधन हॉट और देसी नस्‍लों के लिए राष्‍ट्रीय जीनोमिक केन्‍द्र की स्‍थापना करने की भी घोषणा की है। इन परियोजनाओं में अगले कुछ वर्षों के दौरान 850 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

श्री जेटली ने ग्राम पंचायतों और नगर पालिकाओं को ग्रांट इन एड के रूप में 2.87 लाख करोड़ रुपए आवंटित करने की घोषणा की। ऐसा 14वें वित्‍त आयोग की सिफारिशों के अनुसार किया है और यह राशि पिछले पांच वर्ष की तुलना में 228 प्रतिशत अधिक है। दीन दयाल अंत्‍योदय मिशन को प्रत्‍येक सूखाग्रस्‍त विकास खंड में और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना को ऐसे ही जिलों में शुरू किया जाएगा।

श्री जेटली ने श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन के तहत 300 रूर्बन कलस्‍टरों को विकसित करने की भी घोषणा की। उन्‍होंने 01 मई, 2018 तक शत-प्रतिशत गांवों में विद्यु‍तीकरण की भी घोषणा की। वित्‍त मंत्री ने नेशनल डिजिटल साक्षरता मिशन और डिजिटल साक्षरता अभियान नामक दो नई योजनाओं को भी मंजूरी दी है। पंचायती राज संस्‍थानों की मदद के लिए उन्‍होंने नई योजना राष्‍ट्रीय ग्राम स्‍वराज अभियान का भी प्रस्‍ताव किया है।

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