झारखंड राज्य बिजली कामगार यूनियन ने निजीकरण के विरुद्ध एक बार फिर आंदोलन का आगाज किया है , निजीकरण के खिलाफ कामगार यूनियन ने आक्रोश प्रदर्शन करते हुए काला बिल्ला लगाकर अपने 19 सूत्री मांगों के पूर्ति को लेकर अब 9 अगस्त को अगस्त क्रांति दिवस से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है।
झारखंड राज्य बिजली कामगार यूनियन के प्रदेश महामंत्री रामकृष्ण सिंह ने जमशेदपुर और रांची विद्युत विभाग के निजीकरण के विरुद्ध 9 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है ,जिससे बिजली वितरण व्यवस्था ठप हो सकती है। सरायकेला के आदित्यपुर स्थित जियाडा परिसर में काला बिल्ला लगाकर कामगार यूनियन के सदस्यों ने आक्रोश प्रदर्शन किया, मौके पर मौजूद प्रदेश महामंत्री रामकृष्ण सिंह ने बताया कि 8 अगस्त 2020 को विद्युत विभाग के साथ समझौते में यह तय हुआ था कि बिहार के तर्ज पर 6% विशेष ऊर्जा भत्ता कामगारों को दिया जाएगा ,जबकि बिहार में वर्ष 2018 से ही यह लागू है, इन्होने बताया कि ,विद्युत बोर्ड द्वारा 300 करोड़ राजस्व वसूली होने पर 6% विशेष उर्जा भत्ता भुगतान का वादा किया गया था, जिसके एवज में मजदूरों ने खून पसीना एक कर 425 करोड का राजस्व विभाग को दिया लेकिन, बावजूद इसके उर्जा भत्ता बिजली कामगारों को नहीं दिया गया है, कामगार यूनियन द्वारा विशेष ऊर्जा भत्ता भुगतान करने के साथ कोरोना संक्रमण से मृत्यु होने पर 25 लाख रुपए अनुदान और आश्रित को नौकरी, ओवर टाइम का भुगतान करना प्रमुख रूप से शामिल है.
बाइट- रामकृष्ण सिंह, प्रदेश महामंत्री बिजली कामगार यूनियन.
