
जमशेदपुर.
वीमेंस कॉलेज में बुधवार को साइबर क्राइम: इफेक्ट्स एण्ड प्रिवेंशन विषय पर एक दिवसीय वेबिनार सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। गूगल मीट पर आयोजित इस कार्यक्रम में वक्ताओं का स्वागत प्राचार्या प्रोफेसर (डॉ.) शुक्ला महांती ने किया। विषय प्रवेश कराते हुए उन्होंने कहा कि आजकल हाइपर साइबर एक्टिव समय है। रोजमर्रा की जिंदगी में इंटरनेट का दखल बढ़ा
है। कोविड 19 के समय में तो यह अप्रत्याशित उछाल पर है। इससे हमारे कामों में सहूलियत तो हुई है लेकिन साइबर क्राइम के संकट भी बढ़े हैं। ऐसे में इस वेबिनार के माध्यम से विभिन्न विशेषज्ञों के वक्तव्य उपयोगी होंगे। मुख्य अतिथि कोल्हान के डीआईजी राजीव रंजन सिंह ने साइबर क्राइम के कई पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि साइबर क्राइम आजकल अधिक हो रहा है। इसलिए हमारी जागरूकता सबसे अधिक जरूरी है। इस संबंध में सरकारी स्तर पर भी विस्तृत गाइडलाइंस हैं जिसकी जानकारी हमें रखनी चाहिए। जमशेदपुर साइबर क्राइम ब्रांच की डीएसपी जयश्री कुजूर ने विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों के बारे में बताया। उन्होंने बिग बाज़ार या रिलायंस जैसे कार्डों से बचने के लिए कहा, क्योंकि इसका उपयोग धोखेबाज़ों द्वारा किया जा सकता है। एटीएम अगर हैक हो जाय तो दो या तीन बार गलत पासवर्ड डालकर कार्ड्स को जल्द से जल्द ब्लॉक कर देना चाहिए। उन्होंने लड़कियों को माता-पिता के साथ किसी भी समस्या को साझा करने के लिए कहा। बैंक ऑफ इंडिया के एजीएम श्री मोतीलाल सिंह ने किसी भी व्यक्ति को या ईमेल के जवाब में ओटीपी नहीं बताने की सलाह दी। उनका कहना था कि कोई भी बैंक ग्राहक से ओटीपी कभी नहीं माँगता। अधिवक्ता श्री विनोद ठाकुर ने साइबर अपराध से संबंधित कानूनी निदानों पर रौशनी डाली। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुई। संचालन और धन्यवाद ज्ञापन आईक्यूएसी की समन्वयक डॉ रत्ना मित्रा ने तथा तकनीकी समन्वयन का कार्य ज्योतिप्रकाश महांती व के प्रभाकर राव ने किया।



