जमशेदपुर।


जमशेदपुर के युवा लेखक अंशुमन भगत को पूर्व सीएम रघुवर दास के बाद अब पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी का आशीर्वाद मिला है। कुणाल ने उन्हें अंशुभन भव: का आशीर्वाद देते हुए इस बात पर खुशी जताई है कि अंशुमन न सिर्फ खुद एक मशहूर लेखक बन चुके हैं बल्कि नए लेखकों को उभरने में मदद भी कर रहे हैं।हाल ही में उन्होंने खुद से उम्र में बड़ी कुमारी छाया को प्रेरित किया और उनकी पहली पुस्तक “एक प्याली चाय” के प्रकाशन में काफी सहयोग किया।इसका प्रतिफल भी देखने को मिला जब “एक प्याली चाय “खूब हिट रही।वहीं अंशुमन आजकल वरिष्ठ महिला पत्रकार अन्नी अमृता की पहली पुस्तक “ये क्या है” पढ़ने में लगे हुए हैं।अंशुमन बड़े खुले मन से नए लेखकों को लिखने के साथ साथ उसके छपने और प्रचार को लेकर गाईड करते रहते हैं।नए लेखकों को प्रकाशन हाऊसों , पुस्तक बिक्री के आधुनिक तरीकों की आम तौर पर कम जानकारी होती है , ऐसे में अंशुमन पूरी कमान संभाल लेते हैं। “एक प्याली चाय “की लेखिका कुमारी छाया तो अपनी पुस्तक का सबसे बड़ा श्रेय अंशुमन भगत को देती हैं जिनके गाईडैंस में पुस्तक छत्तीसगढ़ के एक प्रकाशन हाऊस में छपी।वहीं वरिष्ठ पत्रकार अन्नी अमृता भी अंशुमन भगत से काफी प्रभावित हुई हैं और आगे अपनी लेखन का सफर जारी रखने को लेकर अंशुमन से सलाह ले रही हैं।
अंशुमन के विचारों से अब तक कई युवा प्रेरित हो चुके हैं। कई युवा लेखन के क्षेत्र में कदम आगे बढ़ा चुके हैं। जमशेदपुर के युवाओं में लेखन के प्रति बढते रुझान में कहीं न कहीं अंशुमन का सहयोग रहा है। विदेशों में भी खासकर युवा अंशुमन की किताब को पढ़ कर सकारात्मक ऊर्जा के साथ अपना जीवन यापन कर रहे हैं।अंशुमन की पुस्तक “योर ओन थौट्स” पहले ही काफी लोकप्रिय हो चुकी है।
आमतौर पर आज – कल लोग केवल बोलने भर के लिए सहयोग की बात करते हैं किंतु वास्तविक जीवन में लोग सिर्फ खुद के बारे में ही सोचते हैं।ऐसे में यदि शहर के युवाओं को लेखन के क्षेत्र में अंशुमन का सहयोग मिल रहा है तो इसकी भरपूर प्रशंसा होनी चाहिए।


