जमशेदपुर : राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि टुसू पर्व हमारी संस्कृतिक का एक हिस्सा है. यह हमें आपस में जोड़ती है. यही नहीं, यही संस्कृति हमारी पहचान, विरासत, परंपरा व जीवनशैली है. यह दुनिया के किसी बाजारों में नहीं बिकती. यही कारण है कि संसाधनों की कमी के बावजूद लोग खुशी मन से एक उत्सवव के रुप में टुसू पर्व मनाते हैं. वे आज बिष्टुपुर गोपाल मैदान में झारखंडवासी एकता मंच की ओर से आयोजित विराट टुसू मेला में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि भविष्य के संभावित बदलाव को देखते हुए हमारी अगली पीढ़ी को सावधान रहने की जरुरत है, ताकि हम किसी भी प्रतिस्पर्धा में पीछे नहीं रहें. आदिवासियत व मूलवासियत के संमिश्रण को बरकरार रखते हुए हमें राज्य की प्रगति की ओर बढऩा चाहिये.
मौके पर श्री मुंडा ने विधायक साधुचरण महतो के विशेष आग्रह पर एक टुसू गीत गाये, जिसके बोल
‘गुंड़ी कुटते सांझ होइलो, छाड़ो पीठा भात रांधो,
हामार मोनटा डेंगा डेंगिछे, चोलो जाबो मेला देखिते…Ó.
इस गीत पर सांसद विद्युत महतो, आस्तिक महतो, साधुचरण महतो सहित अन्य ने मांदर बजाकर साथ दिया. इसके पूर्व श्री मुंडा समेत सभी अतिथियों ने मंच के समीप रखे गये शहीद रघुनाथ महतो सहित शहीद बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, निर्मल महतो, सुनील महतो तथा सुधीर महतो की तस्वीर पर श्रद्धांजलिस्वरुप फूल चढ़ाये. मंच पर बतौर अतिथि सांसद विद्युत वरण महतो, पूर्व सांसद शैलेन्द्र महतो, सुमन महतो, ईंचागढ़ के विधायक साधुचरण महतो, मंच के मुख्य संयोजक सह झामुमो नेता आस्तिक महतो, अमरप्रीत सिंह काले, स्व. सुधीर महतो को धर्मपत्नी सविता महतो, पश्चिम बंगाल के सालबनी के विधायक श्रीकांत महतो की धर्मपत्नी अंजना महतो, मीरा मुंडा, फणीन्द्र महतो, रोड़ेया सोरेन, सुनील महतो मीता, चंद्रावती महतो, रमेश हांसदा, गणेश महाली आदि मौजूद थे.
विद्युत महतो ने कहा कि मेला में जो संस्कृति और विरासत दिख रही है, यह पूर्व सांसद सुनील महतो तथा राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री स्व. सुधीर महतो की देन है. उन्होंने कहा कि हमें अपने पूर्वजों से जो संस्कृति व विरासत मिली है, उसे आनेवाली पीढ़ी को देना हमारा कर्तव्य है. ताकि यह अनोखा परंपरा जीवित रह सके. उन्होंने कहा कि उपायुक्त से उन्होंने कहा कि आगामी वर्ष से टुसू के मौके पर नदी की साफ-सफाई कराएं, ताकि वहां नहाने के उपरांत लोग इस पर्व को बेहतर ढंग से मना सकें.
आस्तिक महतो ने कहा कि अपनी संस्कृति बचाने के लिए हमे लगातार संघर्ष करना होगा. यह आयोजन शहर के बीचोबीच आरम्भ करने का यही उद्देश्य है कि अपनी संस्कृति को शहरवासियों तक पहुचा सकें. हालांकि सुनील महतो ने इसकी शुरुआत की थी, लेकिन इस भव्यता देखने के लिये वे आज हमारे बीच नहीं है. इसलिये इसे किसी भी हाल में बचाकर रखना हमारा परम कर्तव्य है.
राढ़ बंगला की फिल्म लांच
मंच में मौजूद श्री मुंडा, सांसद विद्युत महतो, विधायक साधुचरण महतो समेत अन्य अतिथियों ने सुखदेव महतो के सहयोग से तैयार राढ़ बंगला फिल्म ‘बंधु-3Ó को लांच किया गया.
मैदान के चारों ओर लगे थे पोस्टर
मैदान के चारों ओर तथा मंच में के लोहों के पोस्टर लगे हुए थे. इसमे राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री स्व सुधीर महतो, पूर्व सांसद स्व सुनील महतो के अलावा स्व निर्मल महतो शामिल है. यही नही, सांसद विद्युत वरण महतो, विधायक साधुचरण महतो, आस्तिक महतो आदि के मांदर बजाते हुए पोस्टर सबों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे थे.
इनका रहा सहयोग
आज के कार्यक्रम को सफल बनाने में पार्षद स्वपन महतो, कमल महतो, बिजय महतो, दिलीप दास, उमाकांत झा, लकी सिंह, बबलू महतो, सुखदेव महतो, सीनू राव, दिलीप महतो, झंटू महतो, स्वपन महतो, अशोक महतो सहित कई कार्यकर्ताओं का अहम योगदान रहा.
तीन राज्यों से आई थी टुसू प्रतिमा व चौड़ल
मेला में भाग लेने के लिये झारखंड सहित पश्चिम बंगाल तथा उड़ीसा के कई जिलों से टुसू की प्रतिमा व चौड़ल लेकर लोग आये थे. साथ ही रांची के कई स्थानों से भी लोग आये थे. पुरस्कार जीतने के बाद वे सभी देर शाम अपने अपने गंतव्य स्थान के लिये रवाना हो गये.
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन
इस दौरान बेबी महतो तथा अन्य गायकी ने लोगों का मन मोह लिया. उन्होंने एक से बढ़कर एक झूमर गीत गाये, जिसपर नृत्य भी हुए. कलाकारों ने देर शाम तक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया.
टुसू में उड़ीसा तथा चौड़ल में कुजियाम्बा ने बाजी मारी
टुसू व चौड़ल प्रतियोगिता में उड़ीसा के बड़ बाइकला के मुन्ना महतो ने प्रथम, चारड़ी राजनगर के सुधीर महतो ने द्वितीय, तुमुंग राजनगर के लालमोहन महतो ने तृतीय, ससोमली राजनगर के प्रभांशु महतो ने चतुर्थ, महादेवडीह उड़ीसा के अनिल मुंडा ने पंचम, पदनामसाई राजनगर के राजेश महतो ने षष्टम तथा लाकड़ाकोचा चांडिल के संतोष कुमार ने सप्तम स्थान प्राप्त किया. इसमें क्रमश: 31 हजार, 25 हजार, 20 हजार, 15 हजार, 11 हजार, 7 हजार तथा 5 हजार नगद ईनाम दिये गये.
इसी तरह चौड़ल में जय मां क्लब (कुजियाम्बा, दुबराजपुर) ने प्रथम, मां दुर्गा चौड़ल समिति (दुसनकोचा, खूटी) ने द्वितीय, आदिवासी बिरसा मुंडा क्लब (राजगोड़ा) ने तृतीय, झारखंड सांस्कृतिक चौड़ल समिति (शंकराडीह) ने चतुर्थ तथा कृषि मंगल चौड़ल समिति ने पंचम पुरस्कार जीता. इसमें क्रमश: 25 हजार, 20 हजार, 15 हजार, 11 हजार तथा 9 हजार दिये गये.
बुढ़ी गाड़ी नाच में राखाडीह के कांद्रा हेंब्रम ने प्रथम, कांटासोला बुधीडीह के रघुनाथ बेसरा ने द्वितीय, भुडरुडीह सुंदरनगर के उदय हेंब्रम ने तृतीय, बालका उलयडीह ने चतुर्थ तथा पोटका आंवलाडीह के फूदन मुर्मू ने पंचम पुरस्कार जीता. इसमें क्रमश: 15 हजार, 11 हजार, 9 हजार, 7 हजार तथा 5 हजार रुपये दिये गये.



