
जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले के सोनारी स्थित विशेष दत्तक ग्रहण संस्था में रह रहे एक अनाथ बच्चे को नया परिवार मिला है। दत्तक ग्रहण की सभी निर्धारित कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद उपायुक्त राजीव रंजन के माध्यम से बच्चे को रांची निवासी दत्तक परिवार के सुपुर्द किया गया।
जिला प्रशासन के अनुसार, बच्चे को परिवार को सौंपने से पहले दत्तक ग्रहण से संबंधित सभी आवश्यक औपचारिकताओं और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया गया। इस दौरान बच्चे के हितों, सुरक्षा और भविष्य को प्राथमिकता दी गई।
रांची के परिवार ने बच्चे को लिया गोद
सोनारी स्थित विशेष दत्तक ग्रहण संस्था में आवासित बच्चे को रांची निवासी परिवार ने गोद लिया है।दत्तक परिवार ने अपनी पहचान गोपनीय रखने का अनुरोध किया है। जिला प्रशासन ने परिवार की निजता का सम्मान करते हुए उससे संबंधित कोई भी व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।बच्चे की पहचान भी गोपनीय रखी गई है, ताकि उसकी निजता और सुरक्षा बनी रहे।
अप्रैल से अब तक सात बच्चों को मिला दत्तक परिवार
जिला प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से अब तक पूर्वी सिंहभूम जिले में कुल सात अनाथ बच्चों को दत्तक परिवारों के सुपुर्द किया जा चुका है।प्रशासन का कहना है कि अनाथ और देखरेख की आवश्यकता वाले बच्चों को सुरक्षित पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराना बाल संरक्षण एवं पुनर्वास व्यवस्था का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
दत्तक ग्रहण की निर्धारित प्रक्रिया के तहत बच्चों को ऐसे परिवारों से जोड़ने का प्रयास किया जाता है, जहां उनकी देखभाल, सुरक्षा और समुचित विकास सुनिश्चित हो सके।
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बच्चों के संरक्षण और पुनर्वास को प्राथमिकता
पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन के अनुसार, विशेष दत्तक ग्रहण संस्था में रहने वाले बच्चों के आवासन, सुरक्षा, स्वास्थ्य, देखभाल और विकास से संबंधित आवश्यक पहलुओं पर ध्यान दिया जाता है।प्रशासन बच्चों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए निर्धारित कानूनी प्रावधानों के अनुरूप कार्य कर रहा है।सोनारी की विशेष दत्तक ग्रहण संस्था से बच्चे को विधिसम्मत प्रक्रिया के बाद परिवार को सौंपना इसी व्यवस्था का हिस्सा है।जिला प्रशासन ने कहा कि बच्चों के सर्वोत्तम हितों को ध्यान में रखते हुए उन्हें सुरक्षित और स्नेहपूर्ण पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं।

