जमशेदपुर। भाजपा जिला महामंत्री राकेश सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आहार पत्रिका और आउट बाउंड डायलिंग के मामले पर सरयू राय जी की सफाई को हास्यास्पद और भ्रमित करनेवाला बताया है। शनिवार को जारी प्रेस-विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि सवाल ये है कि भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने माननीय राज्यपाल महोदया को जो ज्ञापन सौंपा है, उसमें लगाये गये आरोप सही है या गलत, उसपर सरयू राय ने कुछ नहीं कहा। अगर आरोप गलत हैं, तो खुद को मिस्टर क्लीन कहनेवाले सरयू राय को इन नेताओं पर केस करना चाहिए। अपनी छवि बचाने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहिए, न कि अनर्गल बयानबाजी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि माननीय राज्यपाल को दिये गये ज्ञापन में तथ्यों के साथ आरोप लगाये गये हैं। स्वयं को नियमों का अत्याधिक जानकार बतानेवाले सरयू राय जी ने क्या बिना टेंडर उस प्रिंटर को काम नहीं दिया, जहां उनके एनजीओ की पत्रिका छपती रही। नॉमिनेशन पर क्या इनता बड़ा काम किसी को दिया जा सकता है। क्या उनके द्वारा नामित प्रिंटर हर माह इतनी बड़ी संख्या में पत्रिका छापने और उनके वितरण के योग्य था। प्रिंटर ने अपने कार्य अनुभव का जो प्रमाण दिया, वह केवल एक मात्र सरयू राय जी के एनजीओ की पत्रिका के प्रकाशन का था या नहीं। अखबार में पत्रिका के अनियमित वितरण की खबर छपने के बाद विभागीय जांच में भी इसे सही पाया गया। मिस्टर क्लीन यह बताने का कष्ट करेंगे की उन्होंने इस पर क्या एक्शन लिया। कुछ नहीं। बल्कि पत्रिका का प्रकाशन यथावत जारी रही। इसी तरह लोगों में जागरूकता के नाम पर आउटबाउंड डायलिंग में भी बाजार कीमत की तुलना में ज्यादा राशि का भुगतान किया गया या नहीं। चयनित संस्था ने दो अलग-अलग नाम से टेंडर में भाग लिया था या नहीं। कॉल दरें लगातार कम हो रही थी, फिर भी पूराने दर पर ही काम जारी रखा गया या नहीं। इस तरह के प्रचार प्रसार के लिए सरकार का सूचना एवं जनसंपर्क विभाग है, तो सरयू राय जी ने सीधे अपने विभाग के माध्यम से काम क्यों कराया। ईमानदार थे तो नियम के तहत पीआरडी से ये दोनों कार्य कराना चाहिए था।
श्री सिंह ने कहा कि सरयू राय जी कहते है कि भाजपा नेताओं से जांच करानी चाहिए। क्या उन्हें जांच एजेंसियों पर भरोसा नहीं है। क्या उनको लगता है कि प्रदेश अध्यक्ष या नेता प्रतिपक्ष को इस मामले के बारे में जानकारी नहीं है। मामला गलत होता, तो प्रदेश अध्यक्ष क्या अपने जिला अध्यक्ष को ज्ञापन देने से रोकते नहीं। क्योंकि पहले जमशेदपुर में भी जिला ईकाई ने उपायुक्त के माध्यम से इन्हीं मामलों पर ज्ञापन सौंपा था। दूसरी बात, आप जिन्हें छूट भैया नेता कह रहे हैं, कभी उन्हीं के दम पर आप चुनाव लड़ते थे। भाजपा में सभी कार्यकर्ता एक समान है। छूट भैया नेता कह कर आप भाजपा के करोड़ों कार्यकर्ताओं का अपमान कर रहे हैं।
