
जमशेदपुर.

टाटा स्टील केवल एक नाम नहीं, बल्कि आम जनता के अटूट विश्वास का प्रतीक रहा है. एक समय था जब देश के अन्य शहरों के लोग भी गर्व से टाटानगर की सड़क, बिजली, पानी, साफ-सफाई और सामाजिक कार्यों की मिसाल देते थे. परंतु विगत कई वर्षों से टाटा स्टील प्रबंधन आम जनता के इस विश्वास को बनाए रखने में विफल साबित हो रहा है. यह बातें सोनारी थाना शांति समिति के सचिव, राजनीतिक चिंतक एवं अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने सोनारी क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों के साथ हुई एक बैठक के बाद कही.
खस्ताहाल सड़कें और कचरे का अंबार
सुधीर कुमार पप्पू ने कहा कि आज टाटा स्टील क्षेत्र(खासकर सोनारी और आस-पास) के अंतर्गत चारों ओर कचरे का अंबार लगा हुआ है. क्षेत्र की कई सड़कों की स्थिति अत्यंत जर्जर हो चुकी है. दुर्भाग्य की बात यह है कि सड़कों की मरम्मत के नाम पर कई स्थानों पर केवल सड़कों को काटने और तोड़ने का कार्य किया जा रहा है, जबकि वास्तविक पुनर्निर्माण का कार्य अधर में लटका है. इससे आम नागरिकों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
24 घंटे पानी के दावे हुए हवा-हवाई
क्षेत्र में 24 घंटे पानी उपलब्ध कराने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है. जिन क्षेत्रों में पानी के मीटर लगाए गए हैं, वहां भी लोगों को नियमित रूप से पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है.
बिजली विभाग की लापरवाही से जनता परेशान
बिजली विभाग द्वारा जहां-जहां कार्य किया जाता है, वहां सड़कों को खोदने के बाद उनकी उचित मरम्मत नहीं की जाती. इसके अलावा, टाटा स्टील द्वारा लगभग एक वर्ष से आम नागरिकों के लिए:
नए बिजली और पानी के कनेक्शन, ड्रेनेज सिस्टम का विस्तार, बिजली लोड एवं पावर वृद्धि से संबंधित कार्यों पर रोक लगा दी गई है.
इस अघोषित रोक के कारण सोनारी क्षेत्र के लोगों को भारी मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
भगवान भरोसे स्वच्छ भारत अभियान और सीवरेज सिस्टम
सुधीर कुमार पप्पू ने कहा–
”केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत अभियान के तहत टाटा स्टील द्वारा विगत कई वर्षों से सीवरेज एवं ड्रेनेज व्यवस्था का कार्य कराया जा रहा है, परंतु आज तक इसका कोई संतोषजनक परिणाम नहीं निकला. कदमा एवं सोनारी के कई क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाकर कार्य को अधूरा छोड़ दिया गया है. वर्तमान में उन पाइपों की स्थिति क्या है, यह भी भगवान भरोसे है.”
सीवरेज लाइनें चालू न होने के कारण अधिकांश घरों के सेप्टिक टैंक अभी भी यथावत बने हुए हैं. इसके परिणामस्वरूप क्षेत्र में मच्छरों, मक्खियों एवं विभिन्न प्रकार के रोगजनक कीटाणुओं का प्रकोप बढ़ गया है, जो सीधे तौर पर आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है.
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार
इन्हीं गंभीर जन-समस्याओं को लेकर आज सोनारी क्षेत्र के बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों ने अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू जी से विस्तृत वार्ता की. उन्होंने आश्वासन दिया है कि इस विषय से जल्द ही:
जमशेदपुर के सांसद एवं विधायक,
जिला उपायुक्त (DC),
टाटा स्टील के वरिष्ठ अधिकारियों,
तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा.
स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध वर्ग ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि वे इस दिशा में अविलंब ठोस कदम उठाएं, ताकि जमशेदपुर शहर को पुनः उसके पुराने गौरव, स्वच्छता और पहचान तक पहुँचाया जा सके.



