जमशेदपुर।
फ्लैक(फ्री लीगल एड कमिटी) के संस्थापक प्रेमचंद का शुक्रवार की सुबह टाटा मेन हाॅस्पीटल में इलाज के दौरान देहांत हो गया. वे पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे और पिछले दिनों उन्हें टीएमएच में भर्ती कराया गया था. उनके परम मित्र और ‘फ्लैक’ संस्था के संस्थापक जवाहरलाल शर्मा ने आज सुबह उनके निधन की जानकारी दी.
डायन प्रथा के खिलाफ प्रेमचंद के नेतृत्व में ‘फ्लैक’ संस्था ने उल्लेखनीय कार्य किया. संस्था के प्रयासों का ही फल था कि बिहार से अलग होने के बाद झारखंड बनने पर झारखंड में भी डायन प्रथा अधिनियम को लागू किया गया. डायन प्रथा के खिलाफ आवाज उठाने वाली पद्मश्री छुटनी देवी और अन्य आवाज उठानेवाली महिलाओं को संस्था ने काफी मदद की और उन सबको जोड़कर लगातार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अभियान चलाया. उन्होंने अपना पूरा जीवन इसमें लगा दिया.
पांच लोगों ने मिलकर डाली थी संस्था की नींव
प्रेमचंद, जवाहरलाल शर्मा, अंजलि बोस और जायसवाल जी समेत पांच लोगों ने मिलकर ‘फ्लैक’ संस्था की स्थापना की. जमशेदपुर ने आज एक अनमोल सामाजिक कार्यकर्ता को खो दिया. उनके निधन से ऐसा शून्य पैदा हो गया जिसे भरना मुश्किल है. करीबी और मीडियाकर्मी उन्हें प्यार से प्रेमजी कहते थे.





