जमशेदपुर:
सिंहभूम जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन/तुलसी भवन की ओर से हिन्दी रचनाधर्मिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संस्थान के मुख्य सभागार में एकदिवसीय कार्यशाला ‘युवा रचनाकार’ का सफल आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के अध्यक्ष सुभाष चन्द्र मुनका ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी एवं के.के. बिल्डर्स के प्रबंध निदेशक विकास सिंह उपस्थित रहे.
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के दीप प्रज्वलन एवं उपासना सिन्हा की सस्वर सरस्वती वंदना से हुई. स्वागत भाषण एवं विषय प्रवेश उपाध्यक्ष राम नन्दन प्रसाद ने प्रस्तुत किया, जबकि संचालन प्रसन्न वदन मेहता और डॉ. अजय कुमार ओझा ने संयुक्त रूप से किया.
तीन सत्रों में हुआ रचनात्मक प्रशिक्षण
कार्यशाला को तीन प्रमुख सत्रों में विभाजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को लेखन की विभिन्न विधाओं की जानकारी दी गई. कथा सत्र में डॉ. मुदिता चन्द्रा ने विद्यार्थियों को कहानी लेखन के गुर सिखाए, वहीं समन्वयक के रूप में सुरेश चन्द्र झा ने सहयोग किया.
काव्य सत्र में पामेला घोष दत्ता ने कविता की बारीकियों पर प्रकाश डाला, जबकि ब्रजेन्द्र नाथ मिश्र ने समन्वय की भूमिका निभाई. संवाद, सम्प्रेषण एवं समाचार लेखन सत्र में अवतार सिंह ने पत्रकारिता और लेखन कौशल पर मार्गदर्शन दिया, जिसमें वसंत जमशेदपुरी ने समन्वय किया.
238 विद्यार्थियों की उत्साही भागीदारी
कार्यक्रम में नगर के 29 विद्यालयों से कुल 238 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया. उनके साथ शिक्षकगण एवं शहर के कई प्रतिष्ठित साहित्यकार भी उपस्थित रहे. विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ सत्रों में भाग लेकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा को निखारा.
काव्य पाठ और सम्मान समारोह बना आकर्षण
समापन सत्र में छात्र-छात्राओं ने अपनी स्वरचित कविताओं का पाठ किया, जिसे उपस्थित साहित्यकारों और अतिथियों ने सराहा. सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए, वहीं शिक्षक-शिक्षिकाओं को अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया.
भोजनावकाश में ‘भजन जैमिंग’ की प्रस्तुति
कार्यक्रम के दौरान भोजनावकाश में निनाद की संस्थापक पूनम महानंद के संचालन में भजन जैमिंग का आयोजन किया गया गया, जिसने पूरे माहौल को संगीतात्मक बना दिया और प्रतिभागियों को एक अलग अनुभव प्रदान किया.
साहित्यकारों की रही उल्लेखनीय उपस्थिति
इस अवसर पर शहर के अनेक प्रतिष्ठित साहित्यकारों की उपस्थिति रही, जिनमें डॉ. यमुना तिवारी ‘व्यथित’, अरुणा भूषण शास्त्री, वीणा पाण्डेय भारती, अशोक पाठक ‘स्नेही’, रीना सिन्हा, डॉ. अरुण कुमार शर्मा, मनीष सिंह वंदन, माधुरी मिश्रा, शैलेन्द्र पाण्डेय ‘शैल’ सहित कई अन्य साहित्यकार शामिल थे.
आभार प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम सम्पन्न
कार्यक्रम के अंत में संस्थान के सह सचिव प्रकाश मेहता ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया. उपस्थित लोगों ने कार्यशाला के संबंध में कहा कि यह कार्यशाला न केवल विद्यार्थियों के लिए एक सीखने का मंच साबित हुई, बल्कि हिन्दी साहित्य के प्रति उनकी रुचि और सृजनात्मकता को भी नई दिशा देने में सफल रही.




