जमशेदपुर, 26 अक्टूबर 2026। पूर्वी सिंहभूम जिले में कुष्ठ रोग की जल्द पहचान और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाए जा रहे कुष्ठ रोग खोज अभियान तथा ‘मेरी दोस्ती तुमसे’ (एमडीटी) अभियान की गतिविधियों का जायजा लेने के लिए चेन्नई की केंद्रीय टीम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), पोटका का दौरा किया।
सेंट्रल लेप्रोसी ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, चेन्नई से आए डॉ. होस्सानान ने अभियान की निगरानी और सहयोग के तहत पोटका में संदिग्ध मरीजों की जांच की। इस दौरान तीन कुष्ठ रोगियों को चिह्नित कर उन्हें एमडीटी की दवा दी गई।
जुड़ी गांव में संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग
केंद्रीय टीम ने पोटका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जांच के बाद जुड़ी गांव का दौरा किया। यहां सहिया कार्यकर्ताओं के माध्यम से कुष्ठ रोग खोज अभियान के दौरान चिह्नित किए गए संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग की गई।
डॉ. होस्सानान ने लोगों को बताया कि कुष्ठ रोग की समय पर पहचान और नियमित उपचार से इससे होने वाली दिव्यांगता को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि मल्टी ड्रग थेरेपी (एमडीटी) की दवा सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निशुल्क उपलब्ध है। इसलिए बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर जांच कराने और उपचार शुरू करने में देरी नहीं करनी चाहिए।
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सहिया कार्यकर्ताओं से अभियान की जानकारी ली
दौरे के दौरान डॉ. होस्सानान ने सहिया कार्यकर्ताओं से कुष्ठ रोग खोज अभियान की प्रगति, सहिया प्रोत्साहन राशि और कुष्ठ रोगियों को मिलने वाली आर्थिक सहायता के संबंध में जानकारी प्राप्त की। अभियान को प्रभावी बनाने और संदिग्ध मरीजों तक पहुंचने में जमीनी स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका पर भी चर्चा की गई।
टीम में डेमियन फाउंडेशन के राज्य समन्वयक डॉ. गौतम कुमार और जिला कुष्ठ परामर्शी डॉ. राजीव लोचन महतो शामिल थे। पोटका के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुकांत सीट ने टीम का स्वागत किया।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 24 घंटे तत्पर है।
कार्यक्रम में प्रखंड लेखा प्रबंधक मनोज कुमार, एमपीडब्ल्यू उपेन्द्रनाथ मोदिना और फार्मासिस्ट धर्मराज महतो उपस्थित थे।


