
जमशेदपुर: दक्षिण पूर्व रेलवे के जोनल प्रशिक्षण संस्थान (ZTI) सिनी में आपदा प्रबंधन को लेकर एक महत्वपूर्ण बहुविषयक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस विशेष सत्र में टाटानगर रेल सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर ने अतिथि व्याख्याता (Guest Lecturer) के रूप में शिरकत की और रेलकर्मियों को आपातकालीन स्थितियों से निपटने के अहम गुर सिखाए। इस वृहद प्रशिक्षण कार्यक्रम में ईस्ट कोस्ट रेलवे, दक्षिण पूर्व रेलवे और दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के कुल 490 रेल कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।

प्रार्थना सभा से हुई शुरुआत और प्रमुख उपस्थितियां
प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ पारंपरिक रूप से प्रार्थना सभा के साथ किया गया। इस अवसर पर संस्थान के प्राचार्य, उप-प्राचार्य और मुख्य अनुदेशक विशेष रूप से मौजूद रहे। उनके साथ मंच पर टाटानगर के सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर और राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित सदस्य संतोष कुमार ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई और प्रशिक्षणार्थियों का उत्साह बढ़ाया।
गोल्डन आवर, सीपीआर और फायर फाइटिंग की डिजिटल ट्रेनिंग
सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने अपने बहुविषयक प्रशिक्षण सत्र में रेलकर्मियों को जीवन रक्षक कौशल की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन (डिजिटल माध्यम) के जरिए घटनास्थल पर ‘गोल्डन आवर’ (Golden Hour) के महत्व को बारीकी से समझाया। इसके अलावा एंबुलेंस सेवा, ट्राई एज (Triage), प्राथमिक चिकित्सा विधि, फर्स्ट एडर व ड्रेसर के स्वभाव और गुणों पर चर्चा की गई। आपात स्थिति में जान बचाने के लिए सीपीआर (CPR), सांप और कुत्ते के काटने (Snake and Dog Bite) पर बचाव के तरीके तथा फायर फाइटिंग (आग बुझाने की तकनीक) का भी गहन प्रशिक्षण दिया गया।
भारी भीड़ के कारण दो शिफ्ट में चला विशेष सत्र
आपदा प्रबंधन और जीवन रक्षक कौशल जैसे महत्वपूर्ण विषय पर आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में रेलकर्मियों में भारी उत्साह देखा गया। संस्थान का विशाल सभागार पूरी तरह से खचाखच भरा हुआ था। बैठने की जगह कम पड़ने और कर्मचारियों की भारी संख्या को ध्यान में रखते हुए, इस महत्वपूर्ण व्याख्यान को दो अलग-अलग शिफ्टों में आयोजित किया गया, ताकि हर एक कर्मचारी तक उचित जानकारी पहुंच सके।
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तीन रेलवे जोन के इन कर्मचारियों ने लिया हिस्सा
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारतीय रेलवे के तीन प्रमुख जोनों के कर्मचारियों ने अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की। इनमें मुख्य रूप से रिफ्रेशर स्टेशन मैनेजर, रिफ्रेशर ट्रेन मैनेजर, प्रो-स्टेशन मैनेजर, प्रो-सहायक लोको पायलट स्पेशल, प्रो-पॉइंट मैन और प्रो-पैसेंजर ट्रेन मैनेजर उपस्थित रहे।
संतोष कुमार की रोचक और बेहद कुशल प्रशिक्षण विधि ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। प्रशिक्षणार्थी रेल कर्मियों ने इस ज्ञानवर्धक पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की। कार्यक्रम के अंत में जोनल प्रशिक्षण संस्थान सिनी के मुख्य अनुदेशक ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।



