जमशेदपुर।
घाटशिला स्थित Sona Devi University के बीएससी एग्रीकल्चर साइंस और स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के विद्यार्थियों ने रांची के गढ़खटंगा स्थित Indian Institute of Agricultural Biotechnology का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को कृषि जैव प्रौद्योगिकी से जुड़े उन्नत अनुसंधान और प्रयोगशाला तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था।इस दौरान छात्रों ने संस्थान के फार्म और प्रयोगशालाओं का अवलोकन कर वहां चल रहे विभिन्न शोध कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की।
एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी की आधुनिक तकनीकों से परिचय
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी, मॉलिक्यूलर ब्रीडिंग, जीनोमिक्स तथा उनसे संबंधित आधुनिक लैब तकनीकों के बारे में जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि इन तकनीकों के माध्यम से कृषि क्षेत्र में नई किस्मों का विकास, उत्पादन बढ़ाने और रोग प्रतिरोधक फसलों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है।
छात्रों को प्रयोगशाला में उपयोग होने वाले आधुनिक उपकरणों और शोध प्रक्रियाओं को करीब से देखने का अवसर मिला, जिससे उनकी शैक्षणिक समझ और भी मजबूत हुई।
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18 विद्यार्थियों ने लिया भाग
इस शैक्षणिक भ्रमण में कुल 18 विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों के साथ दो फैकल्टी मेंबर और एक रिसर्च स्कॉलर भी शामिल रहे।इस दौरान सायन बनर्जी (असिस्टेंट प्रोफेसर, स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर साइंस) और पतत्रि माली (असिस्टेंट प्रोफेसर, स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर साइंस) ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। साथ ही सोनल कुमारी, रिसर्च स्कॉलर, डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी भी इस दल का हिस्सा रहीं।
रिसर्च और इनोवेशन के लिए प्रेरित हुए छात्र
विश्वविद्यालय प्रबंधन के अनुसार इस तरह के शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों को किताबों से परे वास्तविक अनुसंधान कार्यों को समझने का अवसर मिलता है। इससे उनकी अकादमिक समझ विकसित होती है और वे कृषि एवं बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में रिसर्च और इनोवेशन के लिए प्रेरित होते हैं।विद्यार्थियों ने भी इस भ्रमण को बेहद उपयोगी बताया और कहा कि प्रयोगशालाओं में चल रहे शोध कार्यों को करीब से देखने से उन्हें भविष्य में अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली।





