
जमशेदपुर: लौह नगरी जमशेदपुर (Jamshedpur) की सड़कें एक बार फिर बैंक कर्मचारियों की जायज मांगों के नारों से गूंज उठी हैं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर शहर के बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी वर्षों पुरानी मांग को लेकर बिष्टुपुर (Bistupur) में एक जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस विशाल सभा में शहर के विभिन्न बैंकों के सैकड़ों कर्मियों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन का मुख्य आकर्षण महिला सहकर्मियों और ‘Gen-Z’ (युवा) बैंक कर्मियों की व्यापक भागीदारी रही, जिन्होंने भारी संख्या में शामिल होकर संगठन की इस लड़ाई को एक नई ऊर्जा और ताकत प्रदान की है।


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11 वर्षों से लंबित है ‘5-दिवसीय बैंकिंग’ की मांग
बैंक कर्मियों का यह देशव्यापी आंदोलन विगत 11 वर्षों से लंबित “5-दिवसीय बैंकिंग कार्य दिवस” (5 Days Work in a Week) की एक सूत्री मांग को लेकर किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और वित्त मंत्रालय के अड़ियल रवैये पर गहरा असंतोष व्यक्त किया।
क्या है बैंक कर्मियों का तर्क: वक्ताओं ने कहा कि एक तरफ वित्तीय सेवाएं विभाग (DFS), भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), नाबार्ड (NABARD), एलआईसी (LIC), जीआईसी (GIC), आईटी सेक्टर, आयकर विभाग और अधिकांश केंद्रीय कार्यालयों में 5-दिवसीय कार्य सप्ताह सफलतापूर्वक लागू है, तो बैंकों के साथ यह भेदभाव क्यों?
डिजिटलाइजेशन और बढ़ता तनाव: बैंक कर्मियों ने स्पष्ट किया कि बैंकिंग सेक्टर में आई डिजिटल क्रांति (Digitalization) के कारण आज ग्राहक सेवाएं 24×7 उपलब्ध हैं। ऐसे में सप्ताह भर काम के भारी बोझ से कर्मचारियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य (Mental and Physical Health) पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।
‘हठधर्मिता नहीं छोड़ी तो तेज होगा आंदोलन’
प्रदर्शन के दौरान यूनियन के नेताओं ने केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने जल्द ही 5-दिवसीय बैंकिंग लागू करने की आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की, तो इस आंदोलन को और भी तेज और उग्र किया जाएगा। आगे की भावी रणनीति और कड़े आंदोलनात्मक कदमों का फैसला UFBU के शीर्ष केंद्रीय नेतृत्व द्वारा जल्द ही लिया जाएगा।
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एकजुटता का संदेश और प्रमुख वक्ताओं के विचार
विरोध सभा को UFBU के प्रमुख नेताओं और कामरेडों ने संबोधित करते हुए कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा और न्यायपूर्ण कार्य-वातावरण (Fair Work Environment) के लिए अंतिम समय तक संघर्ष करने का संकल्प दोहराया।
सभा में मुख्य रूप से: कामरेड सपन अदक, सुजय राय, आशीष दत्ता, मनोज, अशोक कुमार, अखिलेश, प्रेमलाल साहु, विमान दासगुप्ता, मनोतोष चक्रवर्ती, समर मंडल, प्रदीप ठाकुर, ग्रेगरी टोप्पो, विवेक, शंकर, अरुप बरुआ, दिव्यांशु, कुंदन, तापस दास, अनिल कुमार एवं रींटु कुमार रजक ने अपने प्रभावशाली विचार रखे।
कार्यक्रम के अंत में नेतृत्वकर्ताओं ने प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए उपस्थित सभी महिला कर्मियों, युवा साथियों और विभिन्न बैंकों से आए कामरेडों का धन्यवाद ज्ञापन किया और मांगें पूरी होने तक एकजुट रहने का आह्वान किया।



