
पूर्व प्राचार्या अलका अरविंद ने दिए व्यावहारिक सुझाव; बताया—केवल डिग्री नहीं, संप्रेषण और क्लासरूम मैनेजमेंट भी जरूरी
बी.एड. बैच 2024–26 के विद्यार्थियों ने प्रश्नोत्तर सत्र में दूर कीं शंकाएं, सीखा पेशेवर व्यक्तित्व विकास का तरीका
जमशेदपुर.
डी.बी.एम.एस. कॉलेज ऑफ एजुकेशन के प्लेसमेंट सेल द्वारा बी.एड. (बैच 2024–26) के विद्यार्थियों के लिए एक विशेष मार्गदर्शन सत्र का आयोजन किया गया. कॉलेज की मेंटर डॉ. जूही समर्पिता के मार्गदर्शन में आयोजित इस सत्र का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को आगामी प्लेसमेंट, साक्षात्कार प्रक्रियाओं और विद्यालयों की पेशेवर अपेक्षाओं से अवगत कराना था.
शिक्षण में केवल डिग्री काफी नहीं: अलका अरविंद
सत्र की मुख्य वक्ता वैली व्यू स्कूल की पूर्व प्राचार्या सुश्री अलका अरविंद थीं. “विद्यालय एक शिक्षक में किन गुणों की तलाश करते हैं?” विषय पर विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि एक सफल शिक्षक बनने के लिए केवल शैक्षणिक योग्यता ही पर्याप्त नहीं है वर्तमान दौर में स्कूल ऐसे शिक्षकों को प्राथमिकता देते हैं जिनके पास:
प्रभावी संप्रेषण (Communication) और प्रस्तुतीकरण क्षमता हो. साथ ही,
कक्षा प्रबंधन (Classroom Management) और सकारात्मक दृष्टिकोण हो.
विद्यार्थियों के साथ बेहतर जुड़ाव और व्यावसायिक व्यवहार का हुनर हो.
उन्होंने बदलते दौर में शिक्षण संस्थानों की नई जरूरतों और भर्ती प्रक्रिया के व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से रोशनी डाली.
प्रश्नोत्तर सत्र में दूर हुईं शंकाएं
सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और साक्षात्कार व शिक्षण पद्धतियों से जुड़े कई सवाल पूछे. अलका अरविंद ने सभी शंकाओं का समाधान करते हुए भावी शिक्षकों को अपने आत्मविश्वास और व्यावहारिक कौशलों को निखारने के टिप्स दिए.
इनका रहा विशेष योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में कॉलेज की सचिव श्रीप्रिया धर्मराजन, सह-सचिव सुधा दिलीप, प्राचार्या डॉ. मोनिका उप्पल और उप-प्राचार्या डॉ. पामिला घोष दत्ता का मार्गदर्शन सराहनीय रहा.प्लेसमेंट सेल प्रभारी मौसमी दत्ता ने कार्यक्रम का बेहतरीन समन्वयन किया. वहीं, बी.एड. छात्रा सोमिनी ने अपने मंच संचालन से सबका दिल जीत लिया. बी.एड. छात्रा एलिज़ा ने धन्यवाद ज्ञापन दिया.
यह विशेष सत्र बी.एड. के विद्यार्थियों के लिए आगामी प्लेसमेंट और इंटरव्यू की तैयारी के दृष्टिकोण से अत्यंत उपयोगी साबित हुआ.


