जमशेदपुर: लौहनगरी की धड़कन कहे जाने वाले टाटा मोटर्स (Tata Motors) प्लांट में गुरुवार को एक भावुक क्षण देखने को मिला। वीइकल फैक्ट्री लाइन 3 (Vehicle Factory Line 3) में अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय देने वाले वरिष्ठ और अत्यंत लोकप्रिय कर्मचारी सत्य नारायण सिंह अपनी लंबी और बेदाग सेवा के बाद आज विधिवत रूप से सेवानिवृत्त हो गए। इस खास मौके पर टाटा मोटर्स प्रबंधन और टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन की ओर से एक भव्य और भावभीनी विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जहां सभी ने नम आंखों से अपने इस पुराने साथी को विदा किया और उनके सुखद भविष्य की कामना की।
कर्तव्यपरायणता और कुशल व्यवहार की हुई जमकर तारीफ
समारोह में उपस्थित प्रबंधन और यूनियन के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने सत्य नारायण सिंह द्वारा अपने पूरे सेवाकाल में दिखाए गए शानदार व्यवहार और काम के प्रति उनकी गहरी निष्ठा (कर्तव्यपरायणता) की जमकर प्रशंसा की। वक्ताओं ने कहा कि सत्य नारायण ने हमेशा अपने काम को प्राथमिकता दी और एक आदर्श कर्मचारी के रूप में अपनी मजबूत पहचान बनाई। लाइन 3 के उत्पादन और संचालन में उनके द्वारा दिए गए बहुमूल्य योगदान को टाटा मोटर्स परिवार हमेशा याद रखेगा। उनके शांत स्वभाव, सकारात्मक सोच और मिलनसार व्यक्तित्व ने उन्हें प्लांट के सभी अधिकारियों और सहकर्मियों का चहेता बना दिया था।
कार्यक्षेत्र में हमेशा खलेगी सत्य नारायण की कमी
विदाई के इस भावुक पल में सभी सहकर्मियों ने एक स्वर में यह बात मानी कि प्लांट में सत्य नारायण की अनुपस्थिति गहराई से महसूस की जाएगी। उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों, कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने की क्षमता और टीम के साथ मिलकर काम करने की भावना की वजह से कार्यक्षेत्र में उनकी कमी खलना तय है। नए और युवा कर्मचारियों के लिए वह हमेशा एक बेहतरीन मार्गदर्शक की भूमिका में रहे, जिन्होंने काम की बारीकियों को सिखाने में कभी पीछे कदम नहीं हटाया। उनके बिना वीइकल फैक्ट्री लाइन 3 का एक बड़ा हिस्सा अधूरा सा लगेगा।
यूनियन की हर गतिविधि में रहती थी सक्रिय और मजबूत भागीदारी
एक बेहतरीन और अनुशासित कर्मचारी होने के साथ-साथ सत्य नारायण सिंह मजदूर हित के कार्यों में भी हमेशा आगे रहते थे। वक्ताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सत्य नारायण यूनियन की हर छोटी-बड़ी गतिविधि में पूरे उत्साह और ऊर्जा के साथ शामिल होते थे। प्लांट के कर्मचारियों के अधिकारों और उनकी भलाई के लिए उठाए जाने वाले हर कदम में उनका पूरा और खुला समर्थन रहता था। उनकी इसी सक्रियता, बेबाकी और नेतृत्व क्षमता ने उन्हें यूनियन के भीतर भी एक मजबूत और सम्मानित चेहरा बना दिया था।
प्रबंधन और यूनियन के तमाम प्रतिनिधि रहे मौजूद, दीं ढेरों शुभकामनाएं
सत्य नारायण सिंह के इस विदाई समारोह में प्रबंधन और यूनियन दोनों पक्षों के कई प्रमुख चेहरे उन्हें विदाई और शुभकामनाएं देने के लिए मौजूद रहे। समारोह में मुख्य रूप से यूनियन की ओर से मनोज कुमार सिंह और संतोष जायसवाल उपस्थित थे। वहीं, प्रबंधन की तरफ से लाइन 3 के हेड सेल्वा राज, प्रबंधक दयाल शरण, राजीव कुमार, मनजीत कुमार, तौहीद और मलय गुप्ता ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
इन सभी वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा इस भावुक विदाई कार्यक्रम में उनके करीबी साथी सन्तु कुमार झा, पवन, सुप्रिया बरूआ, राकेश तिवारी, राकेश सिंह, देबाशीष गिरी और डी के सिंह आदि ने भी मुख्य रूप से मौजूद रहकर सत्य नारायण को उनके स्वस्थ, खुशहाल और समृद्ध भविष्य के लिए अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम का समापन एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और पुरानी यादों को साझा कर किया गया।




