जमशेदपुर. टाटा स्टील पिछले सौ वर्षों से अधिक समय से न केवल औद्योगिक प्रगति, बल्कि जिम्मेदारी और लचीलेपन का एक बड़ा उदाहरण रहा है। कंपनी का मानना है कि उत्पादन से ज्यादा महत्वपूर्ण लोग हैं। इसी सोच के साथ ‘वर्ल्डस्टील डे फॉर Safety and Health’ के अवसर पर टाटा स्टील ने अपनी सुरक्षा नीतियों और भविष्य के रोडमैप को दुनिया के सामने रखा है।
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सुरक्षा सिर्फ प्राथमिकता नहीं, बल्कि आधार है
टाटा स्टील के लिए सुरक्षा केवल वर्कशॉप की दीवारों तक सीमित नहीं है। कंपनी की यह फिलॉसफी कर्मचारियों, उनके परिवारों और उन समुदायों तक फैली हुई है जहाँ टाटा स्टील का परिचालन होता है। टाटा स्टील का मानना है कि वास्तविक विकास तभी संभव है जब हर व्यक्ति खुद को सुरक्षित महसूस करे। यही कारण है कि सुरक्षा यहाँ किसी नियम के पालन के लिए नहीं, बल्कि हर निर्णय और प्रक्रिया के अनिवार्य हिस्से के तौर पर देखी जाती है।
वर्ल्ड स्टील एसोसिएशन ने नौवीं बार दिया ‘स्टील सस्टेनेबिलिटी चैंपियन’ का दर्जा
टाटा स्टील के वैश्विक स्तर पर किए जा रहे प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय पहचान भी मिल रही है। वर्ल्ड स्टील एसोसिएशन (worldsteel) ने लगातार नौवें वर्ष टाटा स्टील को ‘Steel Sustainability Champion’ के रूप में मान्यता दी है। यह सम्मान जिम्मेदार स्टील बनाने की दिशा में कंपनी के नेतृत्व को दर्शाता है। कंपनी का ओएचएस (OHS) प्रबंधन सिस्टम ISO 45001:2018 के मानकों के अनुरूप है, जो जोखिमों की पहचान और उनके निवारण पर केंद्रित है।
हाई-टेक कमांड सेंटर और एआई (AI) से बदलती सुरक्षा की तस्वीर
टाटा स्टील अपनी परिचालन सुरक्षा को अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ रही है। Safety Alert Command Centres के जरिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। वहीं, iRoC (Integrated Remote Operation Centres) के माध्यम से खतरनाक जगहों पर होने वाले काम को अब कंट्रोल रूम से ही नियंत्रित किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों का जोखिम काफी हद तक कम हो गया है। तकनीक न केवल सुरक्षा बढ़ा रही है, बल्कि दक्षता और उत्पादकता में भी सुधार ला रही है।
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कर्मचारियों को मिला है ‘स्टॉप वर्क’ का अधिकार
टाटा स्टील की संस्कृति की सबसे बड़ी ताकत उसकी ‘Shared Ownership’ है। यहाँ हर कर्मचारी को अधिकार है कि यदि उसे कहीं खतरा महसूस हो, तो वह ‘Stop Work’ अधिकार का उपयोग कर काम को तुरंत रुकवा सकता है। प्रोसेस हैजर्ड एनालिसिस (PHA) और मैनेजमेंट ऑफ चेंज (MoC) जैसे फ्रेमवर्क यह सुनिश्चित करते हैं कि किसी भी बदलाव से सुरक्षा पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान
सुरक्षा के साथ-साथ टाटा स्टील अपने कर्मचारियों के स्वास्थ्य और कल्याण (Wellness) पर भी जोर देती है। इसके लिए कंपनी ने फिजिकल, इमोशनल और साइकोलॉजिकल वेल-बीइंग का एक ढांचा तैयार किया है। लाइफस्टाइल मैनेजमेंट प्रोग्राम, प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप और मानसिक स्वास्थ्य सहायता के जरिए कर्मचारियों और उनके परिवारों का ख्याल रखा जा रहा है।


