जमशेदपुर:
मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव रामनवमी के पावन अवसर पर पूरे जमशेदपुर में भक्ति और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता और मानगो की मेयर सुधा गुप्ता ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेकर पूजा-अर्चना की।
विभिन्न स्थलों पर हुआ भव्य आयोजन
रामनवमी के अवसर पर कदमा स्थित शिव हनुमान मंदिर, प्रकृति विहार में एम क्लब द्वारा आयोजित भंडारा में दोनों जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा सोनारी पंचवटी नगर, आदर्शनगर 4जी फेज, कदमा भाटिया बस्ती, गोस्वामी पथ स्थित अन्नपूर्णा देवी पूजा सहित कई स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में भी उनकी उपस्थिति रही।
अखाड़ा समितियों में दिखा उत्साह
कदमा उलियान बजरंग अखाड़ा, सोनारी कुम्हारपाड़ा सिनेमा मैदान, सोनारी खुटाडीह बाबा अखाड़ा और बिष्टुपुर जी टाउन गुरुद्वारा के पास आयोजित रामनवमी उत्सव सह भंडारा में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इन आयोजनों में अखाड़ा समितियों के सदस्यों ने पारंपरिक अंदाज में कार्यक्रमों को सफल बनाया।
धार्मिक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी
मानगो दाईगुट्टू नाई भवन में बाबा धर्मदास जी की पूजा, पारडीह श्रमिक एकता बजरंग अखाड़ा समिति द्वारा आयोजित जागरण तथा बागबेड़ा कॉलोनी रोड नंबर 5 में श्री श्री बुढ़वा शिव मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर आयोजित श्रीराम कथा में भी जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। वहीं सोनारी उपकार संघ, कमल चौक और बुधराम मोहल्ला में नवरात्रि ज्वारा पूजा में भी श्रद्धालुओं का उत्साह देखने को मिला।
सुधा गुप्ता ने किया पूजन-अर्चन
मानगो की मेयर सुधा गुप्ता ने विभिन्न मंदिरों में पहुंचकर अखाड़ा समितियों द्वारा आयोजित पूजन कार्यक्रमों में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम के परम भक्त वीर बजरंगबली की विधिवत पूजा-अर्चना की।
रामनवमी का संदेश
इस अवसर पर सुधा गुप्ता ने कहा कि रामनवमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि मर्यादा, धर्म, साहस और संस्कारों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन हमें सत्य, त्याग और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है, जिसे हमें अपने जीवन में अपनाना चाहिए।
सम्मान का विशेष क्षण
कार्यक्रम के दौरान जमशेदपुर के विभिन्न क्षेत्रों में अखाड़ा समिति के सदस्यों ने मेयर सुधा गुप्ता का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। उन्हें पगड़ी पहनाकर और तलवार भेंट कर सम्मानित किया गया, जो इस पर्व की गौरवशाली परंपरा को दर्शाता है।
भक्ति और एकता का प्रतीक बना पर्व
पूरे शहर में रामनवमी का पर्व भक्ति, उत्साह और सामाजिक एकता के साथ मनाया गया। हर क्षेत्र में लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और यह पर्व आपसी सद्भाव और संस्कृति का प्रतीक बनकर सामने आया।





