
जमशेदपुर। लौहनगरी जमशेदपुर समेत पूरे देश में शुक्रवार की सुबह आम जनता के लिए महंगाई का बड़ा झटका लेकर आई है। पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अचानक भारी बढ़ोतरी कर दी गई है। इस वृद्धि के साथ ही जमशेदपुर में पेट्रोल की कीमत पहली बार 100 रुपये के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गई है। शुक्रवार सुबह छह बजे से लागू हुई नई दरों के बाद पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं की भारी भीड़ और अफरातफरी का माहौल देखा जा रहा है।
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जमशेदपुर में नई दरें: पेट्रोल ₹100.75 और डीजल ₹95.67
कीमतों में हुई इस अचानक बढ़ोतरी के बाद जमशेदपुर में पेट्रोल की दर पर 2.96 रुपये और डीजल की दर पर 3.14 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। नई कीमतों के अनुसार, पेट्रोल अब 100.75 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है, जबकि डीजल 95.67 रुपये प्रति लीटर हो गया है। डीजल की कीमतों में हुई इस बड़ी वृद्धि ने परिवहन क्षेत्र को चिंता में डाल दिया है।
महंगाई का दोहरा झटका: फल-सब्जी की कीमतों में उछाल संभव
जानकारों और आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में इस वृद्धि का सीधा असर न केवल आम आदमी की जेब पर पड़ेगा, बल्कि माल ढुलाई (परिवहन लागत) बढ़ने से फल, सब्जी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी भारी उछाल आने की पूरी संभावना है। जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर में, जहां माल ढुलाई के लिए डीजल एक प्रमुख आवश्यकता है, वहां स्थानीय बाजारों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ना तय माना जा रहा है।
पंपों पर ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड और अफरातफरी
कीमतें बढ़ने की खबर जंगल की आग की तरह फैलते ही जमशेदपुर के विभिन्न क्षेत्रों जैसे साकची, बिष्टुपुर, मानगो और टेल्को के पेट्रोल पंपों पर लोगों की लंबी कतारें लग गईं। लोग पैनिक (घबराहट) में आकर अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराते और अतिरिक्त स्टॉक जमा करते नजर आए। इस अत्यधिक दबाव के कारण शहर के कई पंपों पर तेल की अस्थायी कमी हो गई है। आज सुबह कई पेट्रोल पंपों पर ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड लटके दिखे, जिससे आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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आम जनता में आक्रोश और पैनिक बाइंग
शहर के प्रमुख चौराहों पर स्थित पेट्रोल पंपों पर स्थिति नियंत्रित करने के लिए प्रबंधन को मशक्कत करनी पड़ रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि अचानक हुई इस वृद्धि ने उनके महीने के बजट को बिगाड़ दिया है। साकची और मानगो जैसे इलाकों में ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति भी देखी गई क्योंकि लोग सड़कों तक कतारें लगाकर खड़े थे। तेल कंपनियों का कहना है कि सप्लाई को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन भारी मांग के कारण स्टॉक जल्दी खत्म हो रहा है।


