
जमशेदपुर: बिष्टुपुर स्थित सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स भवन में वनवासी कल्याण केंद्र, झारखंड का दो दिवसीय प्रांतीय नगरीय समिति कार्यकर्ता वर्ग रविवार (23 अगस्त) को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। “ग्रामवासी-नगरवासी, हम सब भारतवासी” के मूल मंत्र के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में जनजातीय समाज के उत्थान, संगठन के विस्तार और सामाजिक दायित्वों को लेकर कई अहम रणनीतियां तय की गईं।


जनजातीय स्वावलंबन और अधिकारों पर विशेष जोर
कार्यक्रम के दूसरे दिन प्रथम सत्र को संबोधित करते हुए उत्तर मध्य क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री प्रफुल्ल आकांत ने कार्यकर्ताओं में दायित्व-बोध जगाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के स्वतंत्रता संघर्ष में जनजातीय वीरों का अतुलनीय योगदान रहा है। समाज को आदिवासी वर्ग के प्रति केवल अधिकार की दृष्टि से आगे बढ़कर आत्मीयता, सम्मान और अपनत्व का भाव विकसित करना होगा। उन्होंने सेवा कार्यों को आत्मसम्मान और स्वावलंबन से जोड़ने पर विशेष जोर दिया।
वहीं, दूसरे सत्र में क्षेत्रीय नगरीय कार्य प्रमुख हिरेंद्र सिन्हा और अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री भगवान सहाय ने शहरी क्षेत्रों में संगठन को और अधिक प्रभावी बनाने को लेकर आगामी कार्ययोजना पर मार्गदर्शन दिया।
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प्रशिक्षण वर्ग की खास बातें
शिक्षा और रोजगार: बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, घुमंतू लेबोरेट्री, मुफ्त सिविल सेवा कोचिंग और महिलाओं के रोजगार के अवसर बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
संसाधनों का सही उपयोग: रागी, वनौषधियों और वन सब्जियों जैसे स्थानीय संसाधनों को सीधे आजीविका और स्वास्थ्य से जोड़ने पर बल दिया गया।
सांस्कृतिक संरक्षण: भगवान बिरसा मुंडा जैसे महापुरुषों की गाथाओं और लोक-परंपराओं को सहेजने को सेवा का अहम आयाम बताया गया।
इनकी रही प्रमुख उपस्थिति: समापन सत्र का संचालन प्रमोद नाथ ने किया। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष सुदन मुंडा, प्रांत नगरीय कार्य प्रमुख प्रदीप महतो, सुशील मरांडी, कामेश्वर साहू, धनंजय सिंह, विनीत लाल, अमित सिंह, राजेंद्र झुनझुनवाला, सुशील अग्रवाल, ललित सिंघानिया, सुनीता जायसवाल, अंजू मुंडा, प्रतिभा रानी मिश्रा, दुर्गा काटीवाल, विनीता इंदवार और सुलेखा महतो समेत कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।
पूरे कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं के बीच नई ऊर्जा देखने को मिली। समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का मजबूत संकल्प लिया गया। कार्यक्रम का भावपूर्ण समापन सुलेखा महतो के नेतृत्व में गाए गए ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गान के साथ हुआ




