जमशेदपुर।
टाटानगर सेक्शन में यात्री ट्रेनों के लगातार विलंब से पहुंचने को लेकर जमशेदपुर के सांसद बिद्युत बरण महतो ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने इस गंभीर समस्या पर संज्ञान लेते हुए दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर यात्री ट्रेनों के संचालन को नियमित करने की मांग की थी।



3–5 घंटे की देरी से यात्रियों में नाराजगी
सांसद ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि बीते लगभग एक वर्ष से कांड्रा, बिरराजपुर, गम्हरिया और आदित्यपुर होते हुए टाटानगर रेलवे स्टेशन पहुंचने वाली यात्री ट्रेनों को 3 से 4 घंटे तक की देरी हो रही है। कई मौकों पर यह देरी 5 घंटे तक भी पहुंच जाती है। इससे दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों की ओर से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।
संसद से रेल मंत्री तक उठाया गया मुद्दा
सांसद बिद्युत बरण महतो ने बताया कि इस समस्या को लेकर उन्होंने कई बार स्थानीय रेल अधिकारियों, विभिन्न पैसेंजर एसोसिएशन, सामाजिक संगठनों और चैंबर ऑफ कॉमर्स के समक्ष विषय उठाया है। इसके अलावा यह मुद्दा संसद के सदन में भी उठाया गया और केंद्रीय रेल मंत्री से मुलाकात कर उन्हें स्थिति से अवगत कराया गया। मंडल रेल प्रबंधक, चक्रधरपुर से भी इस विषय पर वार्ता और पत्राचार किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाने से आम जनता में रेल प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश व्याप्त है।
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महाप्रबंधक ने बताई देरी की प्रमुख वजहें
सांसद के पत्र पर संज्ञान लेते हुए दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक ने जवाबी पत्र भेजकर ट्रेनों की देरी के कारणों और समाधान की कार्ययोजना प्रस्तुत की है। पत्र में बताया गया कि कांड्रा से टाटानगर सेक्शन में ट्रेनों की असामान्य देरी का मुख्य कारण एलिफेंट कॉशन ऑर्डर, रेल परिचालन को बेहतर बनाने के लिए चल रहे मूलभूत ढांचागत विकास कार्य तथा हाल के दिनों में पड़े अप्रत्याशित घने कोहरे का प्रभाव है, जिससे ट्रेनों की समयनिष्ठा प्रभावित हुई है।
असामाजिक गतिविधियां भी बनीं कारण
महाप्रबंधक ने यह भी बताया कि चक्रधरपुर–टाटा एवं चांडिल–टाटा खंडों में असामाजिक तत्वों की गतिविधियां और ट्रेनों में जंजीर खींचने (ACP) की घटनाएं भी देरी का एक बड़ा कारण रही हैं। 9 जनवरी 2026 को चक्रधरपुर मंडल के सीली–महाली मारूप क्षेत्र में सिग्नल गुमटी में केबल चोरी की घटना के कारण 22 लंबी दूरी की ट्रेनें असामान्य रूप से लेट हो गई थीं। हालांकि इस मामले में रेलवे सुरक्षा बल ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
समाधान के लिए तीन स्तरों पर कार्ययोजना
दक्षिण पूर्व रेलवे ने ट्रेनों की समयपालन सुधारने के लिए तत्काल, मध्यम और दीर्घकालिक उपायों की घोषणा की है। इनमें टाटानगर में साउथ बिहार एक्सप्रेस में दोनों सिरों पर इंजन लगाना, सीनी स्टेशन पर सीमित ठहराव, सीनी यार्ड का संशोधन, AI आधारित हाथी निगरानी प्रणाली, टाटानगर यार्ड में चार नए प्लेटफॉर्म का निर्माण, रेल ओवर रेल (RoR) परियोजनाएं और बहु-लाइन विस्तार जैसे कदम शामिल हैं।
रेलवे प्रशासन का दावा है कि इन सभी उपायों के क्रियान्वयन से चक्रधरपुर मंडल में ट्रेनों की परिचालन दक्षता और समयपालन में उल्लेखनीय सुधार होगा। सांसद बिद्युत बरण महतो ने उम्मीद जताई है कि रेलवे द्वारा प्रस्तुत कार्ययोजना जल्द धरातल पर उतरेगी और यात्रियों को लंबे समय से चली आ रही समस्या से राहत मिलेगी।
1. तत्काल उपाय-
i. टाटानगर में रिवर्सल से बचने के लिए साउथ बिहार एक्सप्रेस में दोनों सिरों पर इंजन का उपयोग ।
ii. मालगाड़ी इंजनों की आवाजाही को तर्कसंगत बनाना, ताकि बैंकर की आवश्यकता कम हो।
iii. ट्रेनों के आवागमन पर कड़ी निगरानी ।
iv. सीनी स्टेशन पर ट्रेनों का सीमित ठहराव, ताकि ट्रेनों की आवाजाही में सुधार हो सके।
2. मध्यम अवधि के उपाय-
i. सीनी यार्ड का संशोधन- इससे तीसरी लाइन पर ट्रेन का ठहराव कम करने में मदद मिलेगी। यह कार्य 6 महीनों में पूरा कर लिया जाएगा।
ii. Al-सक्षम थर्मल कैमरा आधारित हाथियों की निगरानी प्रणाली, ताकि हाथी गलियारे पर कॉशन ऑर्डर को कम किया जा सके ।
3. लंबी अवधि के उपाय-
i. टाटानगर यार्ड की क्षमता बढ़ाना 4 अतिरिक्त प्लेटफॉमों के निर्माण की योजना बनाई जा रही है।
ii. रेल ओवर रेल (RoR) के निर्माण द्वारा सीनी यार्ड में ट्रेनों की सतह क्रॉसिंग को खत्म करना ।
iii. सीनी और राजखरसवां के बीच (16 किमी में) बहु लाइनों का निर्माण ।
iv. रेल ओवर रेल (RoR) के निर्माण द्वारा कांड्रा और गम्हरिया में सतह क्रॉसिंग को हटाना ।
v. गोविन्दपुर पैसेंजर हाल्ट को क्रासिंग स्टेशन के रूप में विकसित करना ।





