
जमशेदपुर/पुरी। ओडिशा के पुरी में अपनी मां की कथित तौर पर हत्या कर शव को घर की रसोई में दफनाने के मामले में फरार आरोपी बेटे को पुलिस ने 57 दिनों की तलाश के बाद झारखंड के जमशेदपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान 40 वर्षीय मदन गजानन दलेई के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के समय वह जमशेदपुर में एक नाश्ते की दुकान पर काम कर रहा था।
पुरी के पुलिस अधीक्षक प्रतीक सिंह ने मंगलवार को बताया कि आरोपी की तलाश में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन की लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड की जांच की गई। कई राज्यों में तलाश के बाद पुलिस को उसके दोबारा जमशेदपुर पहुंचने की सूचना मिली, जिसके आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया।
24 अगस्त को रसोई के फर्श के नीचे मिला था शव
यह मामला 24 अगस्त को सामने आया था। पुरी में किराए के मकान की मालकिन मनोरमा साहू ने एक बंद कमरे से दुर्गंध आने पर पुलिस को सूचना दी थी।सूचना मिलने पर कुंभारपाड़ा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के दौरान पुलिस को रसोई के फर्श का एक हिस्सा हाल ही में सीमेंट से ढका हुआ दिखाई दिया।संदेह होने पर पुलिस ने उस स्थान की खुदाई कराई। वहां से एक महिला का शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान अन्नपूर्णा दलेई के रूप में हुई। वह आरोपी मदन गजानन दलेई की मां थीं।पुलिस के अनुसार, शव को छिपाने के लिए उसके ऊपर कंक्रीट की परत बनाई गई थी।
21 अगस्त को खरीदी थी बालू और सीमेंट
पुलिस अधीक्षक प्रतीक सिंह के अनुसार, मकान मालकिन ने बताया कि मदन और उसकी मां करीब पांच से छह महीने से किराए के मकान में रह रहे थे। दोनों सुबह घर से निकल जाते थे और देर शाम लौटते थे। आसपास के लोगों से उनका अधिक संपर्क नहीं था।जांच के दौरान पुलिस ने मकान और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।फुटेज में मां-बेटे को सुबह घर से निकलकर जगन्नाथ मंदिर के आसपास बैठते देखा गया। पुलिस के मुताबिक, दोनों वहां कथित तौर पर भीख मांगते थे और रात करीब 11 बजे घर लौटते थे।जांच में 21 अगस्त को आरोपी द्वारा बालू और सीमेंट खरीदने से संबंधित फुटेज भी मिली।पुलिस को संदेह है कि अन्नपूर्णा दलेई की मौत 20 अगस्त को हुई थी और इसके बाद आरोपी ने शव को रसोई में दफना दिया। हालांकि, महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और हत्या कैसे की गई, इसकी जांच अभी जारी है।
मोबाइल फोन से मिला जमशेदपुर का सुराग
पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए उसके मोबाइल फोन और कॉल रिकॉर्ड की जांच की।जांच में पता चला कि मदन मूल रूप से ओडिशा के गजपति जिले के पारलाखेमुंडी का रहने वाला है। पुलिस की एक टीम वहां पहुंची और उसके भाई से पूछताछ की।इसके अलावा पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी की एक बहन कोलकाता में रहती है।पुलिस के अनुसार, मदन ने अपनी बहन को फोन करके मां की तबीयत खराब होने की बात कही थी, लेकिन उनकी मौत की जानकारी नहीं दी थी।मोबाइल फोन से मिले सुराग के आधार पर पुलिस की टीम जमशेदपुर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी वहां से निकल चुका था।
तमिलनाडु और महाराष्ट्र तक तलाश, फिर जमशेदपुर में गिरफ्तारी
आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने तमिलनाडु और महाराष्ट्र समेत कई स्थानों पर तलाश की। उसके बारे में जानकारी देने के लिए विभिन्न स्थानों पर इनाम की घोषणा भी की गई थी।पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपनी गतिविधियों के बहुत कम डिजिटल सुराग छोड़े थे, जिससे उसकी तलाश में कठिनाई हुई।इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि मदन दोबारा जमशेदपुर लौट आया है और एक नाश्ते की दुकान में काम कर रहा है।इस सूचना पर कुंभारपाड़ा थाने की टीम जमशेदपुर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में अपराध स्वीकार करने का पुलिस का दावा
गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी को आगे की जांच के लिए पुरी ले गई।पुलिस अधीक्षक प्रतीक सिंह ने दावा किया कि आरोपी ने पूछताछ के दौरान अपराध स्वीकार किया है। हालांकि, कथित स्वीकारोक्ति के बावजूद हत्या के कारणों और घटनाक्रम की जांच जारी है।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और शव को रसोई में छिपाने के पीछे पूरा घटनाक्रम क्या था।

