जमशेदपुर: झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर में रविवार का दिन एक बड़े हादसे का गवाह बना। शहर के साकची थाना क्षेत्र में स्थित एक कंपनी क्वार्टर में गैस सिलेंडर लीक होने के कारण अचानक भयंकर आग लग गई। इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। गनीमत यह रही कि इस भीषण अग्निकांड में किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है, लेकिन घर में रखा हुआ लाखों रुपये का सामान जलकर पूरी तरह से राख हो गया है। दमकल विभाग की त्वरित मुस्तैदी से एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
खाना बनाने के दौरान हुआ गैस लीकेज प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना साकची थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्ट्रेट माइल रोड स्थित कब्रिस्तान के ठीक सामने बने कंपनी क्वार्टर संख्या L4/98 में रविवार के दिन घटी। परिवार के सदस्य रोजमर्रा की तरह अपने काम में व्यस्त थे और घर के किचन (रसोईघर) में खाना बनाने की तैयारी चल रही थी। तभी अचानक गैस सिलेंडर से तेजी से गैस का रिसाव (लीकेज) शुरू हो गया। जब तक घर के लोग कुछ समझ पाते और लीकेज को रोक पाते, तब तक गैस ने आग पकड़ ली। देखते ही देखते आग की तेज लपटों ने पूरे रसोईघर को अपनी भयानक चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि वह किचन से निकलकर घर के अन्य कमरों और हिस्सों तक भी पहुंच गई, जिससे घर वालों को जान बचाकर बाहर भागना पड़ा।
दमकल और पुलिस की टीम ने संभाला मोर्चा इलाके में आग की ऊंची लपटें और धुआं देखकर आसपास के पड़ोसियों में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत बिना समय गंवाए घटना की सूचना साकची थाना पुलिस और अग्निशमन विभाग (फायर ब्रिगेड) को दी। सूचना मिलते ही साकची पुलिस दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए टाटा स्टील की एक दमकल गाड़ी और झारखंड अग्निशमन विभाग की एक दमकल गाड़ी को तुरंत मौके पर भेजा गया। दमकल कर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। काफी मशक्कत और तत्परता के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया।
डेढ़ लाख रुपये की संपत्ति का भारी नुकसान इस दर्दनाक हादसे में घर के लोगों की जान तो सुरक्षित बच गई, लेकिन उनका भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। पीड़ित परिवार के अनुसार, इस आगजनी में घर के अंदर रखा हुआ कीमती फर्नीचर, किचन का सारा सामान, कपड़े और अन्य सभी जरूरी वस्तुएं जलकर राख हो गई हैं। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, इस आगजनी में परिवार को करीब डेढ़ लाख रुपये की संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है। आंखों के सामने अपनी गृहस्थी को जलता देख परिवार के सदस्य काफी परेशान हैं।
बड़ी दुर्घटना टली, जांच में जुटी पुलिस स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर दमकल की गाड़ियां समय पर नहीं पहुंचतीं, तो आग विकराल रूप धारण कर सकती थी। कंपनी क्वार्टर एक-दूसरे से काफी सटे हुए होते हैं, ऐसे में आग के आसपास के अन्य क्वार्टरों में फैलने का बड़ा खतरा था। समय रहते की गई कार्रवाई से एक बहुत बड़ी त्रासदी टल गई। फिलहाल, साकची थाना पुलिस और अग्निशमन विभाग के अधिकारी इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं। शुरुआती जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर गैस सिलेंडर लीकेज को ही आग लगने का मुख्य कारण माना जा रहा है।
सुरक्षा को लेकर बरतें सावधानी इस घटना के बाद एक बार फिर से घरेलू गैस सिलेंडर के इस्तेमाल को लेकर सुरक्षा पर ध्यान देने की जरूरत महसूस हुई है। रसोई गैस का इस्तेमाल करने के बाद रेगुलेटर को अनिवार्य रूप से बंद करना चाहिए और समय-समय पर गैस पाइप की जांच करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा और नुकसानदेह घटनाओं से बचा जा सके।



