जमशेदपुर। साकची स्थित गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के अंतर्गत संचालित मॉडर्न इंग्लिश स्कूल में मजदूर दिवस (लेबर डे) के अवसर पर एक अत्यंत ही भावपूर्ण और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शुक्रवार को आयोजित इस विशेष मौके पर स्कूल के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों के माध्यम से न केवल श्रम की गरिमा का संदेश दिया, बल्कि उन सभी लोगों के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता भी प्रकट की, जो पर्दे के पीछे रहकर स्कूल व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
ग्राउंड स्टाफ को किया गया विशेष सम्मानित
इस खास दिन को और भी यादगार व सार्थक बनाने के लिए स्कूल प्रबंधन द्वारा ग्राउंड स्टाफ को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान स्कूल के ग्राउंड स्टाफ सदस्यों—रवींद्रनाथ चटर्जी, रजनी कौर, ज्योति बाई, परी मुखी और युधिष्ठिर महतो को उनकी निरंतर और अथक सेवाओं के लिए मंच पर बुलाकर स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। जब इन कर्मवीरों को मंच पर सम्मानित किया जा रहा था, तो पूरा प्रांगण तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। यह क्षण उन सभी कर्मियों के लिए बेहद भावुक करने वाला था, जो दिन-रात स्कूल की स्वच्छता और व्यवस्था बनाए रखने में पूरी निष्ठा से लगे रहते हैं।
बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने मोहा सबका मन
स्कूल के बच्चों ने इन सभी सम्मानित सदस्यों के प्रति अपना आदर और स्नेह व्यक्त करने के लिए गीत, नृत्य और कविताओं की शानदार प्रस्तुतियां दीं। स्कूल के चारों हाउस—ग्रीन, येलो, ब्लू और रेड हाउस के विद्यार्थियों ने इस कार्यक्रम में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। विशेष रूप से विद्यार्थियों इश्मित कौर, सेजल कुमारी, निहारिका पात्रो, रिधम पात्रो, वंश कुमार, ज्ञानवी कुमारी, दलजीत सिंह और माहिप्रीत कौर के शानदार प्रदर्शन ने पूरे कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए। बच्चों की प्यारी भावनाएं और उनकी मासूम प्रस्तुतियां देखकर वहां उपस्थित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं, कर्मचारी और अन्य विद्यार्थी पूरी तरह से भाव-विभोर हो गए।
मजदूर ही हैं देश और समाज की असली शक्ति
इस अवसर पर स्कूल के प्रधानाचार्य संतोष सिंह ने वहां मौजूद सभी बच्चों और शिक्षकों को संबोधित किया। उन्होंने अपने प्रेरणादायक भाषण में कहा कि मजदूरों को सच्ची श्रद्धांजलि और सम्मान तब मिलेगा जब हमारे बच्चे इस बात को गहराई से समझेंगे कि जो व्यक्ति हमारे स्कूल की सफाई करता है या हमारे बगीचे के पौधों को सींचता है, वह भी हमारे समाज का उतना ही महत्वपूर्ण और अभिन्न हिस्सा है, जितना कि कोई शिक्षक, डॉक्टर या इंजीनियर। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इन सहायकों के बिना हमारे स्कूल की कल्पना भी अधूरी है। संतोष सिंह ने सभी बच्चों की छिपी प्रतिभा और उनकी सकारात्मक भावनाओं की खुलकर सराहना की।
नैतिक मूल्यों और संवेदनशीलता की शिक्षा
इस पूरे कार्यक्रम का मंच संचालन स्कूल की वरिष्ठ शिक्षिका गुरमीत कौर ने बेहद ही कुशलतापूर्वक किया। कार्यक्रम के समापन के अवसर पर प्रधानाचार्य संतोष सिंह ने एक बार फिर बच्चों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि आज के ये नन्हे बच्चे ही कल के जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनेंगे। यदि वे आज से ही अपने मन में मजदूरों और सहायकों के प्रति सम्मान रखना सीख लेंगे, तो आने वाले समय में हमारा समाज निश्चित रूप से और अधिक संवेदनशील और बेहतर बनेगा।
कार्यक्रम का विधिवत समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया। मॉडर्न इंग्लिश स्कूल प्रबंधन का हमेशा से यह स्पष्ट मानना रहा है कि इस तरह की पाठ्येतर गतिविधियां बच्चों को सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखतीं, बल्कि उन्हें जीवन के वास्तविक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारियों और मानवीय संवेदनशीलता से भी गहराई से जोड़ती हैं। यह कार्यक्रम बच्चों में श्रम की गरिमा को समझने की दिशा में एक बेहद सार्थक प्रयास साबित हुआ।




