Jamshedpur News :दूधमुंही नातिन को गोद में लिए न्याय की गुहार लगा रहे कपाली के दंपत्ति, गर्भावस्था में ही ससुराल वालों ने बेटी को छोड़ा

दूधमुंही नातिन को गोद में लिए न्याय की गुहार लगा रहे कपाली के दंपत्ति, गर्भावस्था में ही ससुराल वालों ने बेटी को छोड़ा,प्रताड़ना की शिकार बेटी एक पुत्री को जन्म देने के एक सप्ताह बाद चल बसी, पहले से चल रहा था प्रताड़ना और मेंटनेंस का केस

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सरायकेला/जमशेदपुर

जमशेदपुर से सटे कपाली के रहनेवाले दंपत्ति साबीर अहमद और उनकी पत्नी गोद में अपनी दूधमुंही नातिन को गोद में लिए प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं.एक तरफ अपनी बेटी को खोने का गम है दूसरी तरफ नन्हीं सी जान ममता के छांव से वंचित हो गई है.पेशे से शिक्षक साबीर अहमद ने अपनी मृत बेटी के ससुराल वालों पर उनकी बेटी दीबा आफरीन को दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है.उनकी कहानी सुनकर किसी का भी दिल पसीज जाएगा.उन्होंने बताया कि धूमधाम से उनकी बेटी दीबा परवीन की शादी जमशेदपुर के मानगो के आजादनगर के रहनेवाले हादिस फरहान के साथ 17अक्टूबर 2022को हुई थी. शादी के कुछ दिनों बाद से ही ससुराल वाले प्रताड़ित करने लगे थे.गर्भावस्था में ही बेटी को उनलोगों ने खूब प्रताड़ना दी और उसके पति मायके छोड़ आए.उसके बाद बेटी ने न्यायालय में प्रताड़ना और मेंटनेंस का केस किया.

बेटी ने दिसम्बर 2023में स्टील सिटी अस्पताल में पुत्री को जन्म दिया जिसके बाद उसे घर लाया गया.इसी बीच 14दिसंबर 2023को उसके पति आए और जबरन बंद कमरे में बातचीत करने लगे और उनके जाने के बाद बेटी की तबियत बिगड़ने लगी.उसे टी एम एच पहुंचाया गया जहां से दो दिन बाद डिस्चार्ज किया गया लेकिन दुबारा तबियत खराब होने पर फिर टी एम एच में दाखिल कराया गया जहां इलाज के क्रम में मौत हो गई.अब अपनी दूधमुंही नातिन को गोद में लिए नाना नानी न्याय की बाट जोह रहे हैं.उन दोनों ने अपनी बेटी के पति और सास ससुर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.उन दोनों का कहना है कि उनके दामाद ने उस दिन बंद कमरे में जरुर उनकी बेटी को कुछ ऐसा कहा है जिससे उसकी तबियत खराब हुई वर्ना वह स्वस्थ थी.साबीर अहमद ने बताया कि उनकी मृत बेटी के कपड़े, सामान और तमाम कागजात ससुराल वालों ने जब्त कर रखे हैं.

क्या है शिकायती पत्र में
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सरायकेला के एसपी को लिखा गया पत्र इस प्रकार है—

सेवा में,

पुलिस अधीक्षक
सरायकेला-खरसावाँ

विषय: शादी के कुछ ही दिनों के बाद मेरी पुत्री को ससुराल वालों द्वारा प्रताड़ित किए जाने एवं मेरे दामाद मो० हादिस फरहान द्वारा प्रताड़ित किए जाने के उपरांत मेरी पुत्री का मृत्यु हो जाने के संबंध में।

महाशय,

उपरोक्त विषयक कहना है कि मैं साबीर अहमद, मकान सं०- 33D, रोड न0-2, मस्तान बाबा मज़ार के नजदीक, इस्लामनगर, पो०-कपाली, थाना-चांडिल, जिला सरायकेला- खरसावाँ, झारखण्ड का निवासी हूँ। मेरी व्याहता पुत्री दीबा आफरीन का विगत 17 दिसम्बर 2023 को टी० एम० एच०, जमशेदपुर में ईलाज के दौरान निधन हो गया तथा वो अपनी मात्र एक सप्ताह के नवजात शिशु को छोड़कर दुनिया से विदा हो गई।

मेरी पुत्री का विवाह ठीक एक वर्ष पहले 17 दिसम्बर 2022 को मो० हादिस फरहान, पिता मो० जफर इमाम, रोड न० 12, जहूर बगान, आजाद नगर, मानगो, जमशेदपुर से हुई थी। इस्लामिक रीति रिवाज के साथ ग्रैंड मरकज भैरज हॉल, ओल्ड पुरुलिया रोड, मानगो में विवाह संपन्न हुआ था।

शादी के कुछ ही दिनों के पश्चात मेरी पुत्री के साथ उसके ससुराल में सास, ससुर और पति के द्वारा प्रताड़ित किया जाने लगा तथा उसे घर में बंद कर किसी से भी बात करने और मिलने पर भी रोक लगा दी गई। इसी दौरान मेरी पुत्री गंभीर रूप से बीमार हो गई। जब मेरी पुत्री की गर्भावस्था की जानकारी उसके ससुराल में हुई तो वे लोग मेरी पुत्री को और ज्यादा शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे। ईद उल फित्र के अवसर पर 22 अप्रैल 2022 के दिन गंभीर हालत में मेरी पुत्री को उसके पति मो० हादिस फरहान बिना किसी से मिले मेरे घर के बाहर अकेला छोड़कर चले गये। उसके बाद उसके पति ने ना कोई खबर ली और ना ही भरन पोषण का खर्च दिये जबकि मेरी पुत्री एक महीने के गर्भ से थी। मजबूरन मेरी पुत्री मैंटेनेन्स और प्रताड़ित किये जाने का केस न्यायालय में दर्ज की जिसका केस पिटिशन इस आवेदन के साथ संलग्न है।

यहाँ यह भी कहना है कि 10 दिसम्बर 2023 को स्टील सिटी नर्सिंग होम बिस्टुपुर, जमशेदपुर में मेरी पुत्री ने एक पुत्री को जन्म दी और दोनों जच्चा बच्चा को स्वस्थ हालत में 12 दिसम्बर 23 के अपराह्न में हमलोग घर लेकर आये। 14 दिसम्बर 2023 को मेरी पुत्री के पति मो० हादिस फरहान अचानक मेरे घर आये और दीबा आफरीन से अकेले में बात करने की जिद घर के सभी सदस्यों से करने लगे। इसके बाद लगभग आधा घंटा तक वो दीबा से बंद कमरे में परिवार वालों के गैर मौजूदगी में बातचीत किये। उनके (मो० हादिस फरहान ) के जाने के बाद शाम (अपराह) से मेरी पुत्री की तबियत बिगड़ने लगी। आनन फानन में हमलोगउसे टी० एम० एच०, जमशेदपुर में एडमिट किये। 16 दिसम्बर 2023 को टी० एम० एच० से डिस्चार्ज भी किया गया लेकिन 17 दिसम्बर 2023 अहले सुबह को तबियत फिर से बिगड़ने लगी तब दुबारा टी० एम० एच० लेकर आये लेकिन अंततः सुबह पाँच बजे उसका निधन हो गया।

ऐसा प्रतीत होता है कि अवश्य ही उसके पति द्वारा कोई मानसिक संतुलन बिगाड़ने वाली बात कही गई होगी अन्यथा स्वस्थ हालत में आकस्मिक निधन होना असंभव लगता है। मुझे पुरा यकीन है कि दहेज के लिए ही दवाब डालने से ही मेरी बेटी का आकस्मिक निधन हो गया।

यहाँ यह भी है उल्लेखित करना है कि मेरी पुत्री के तमाम जेवर जेवरात, शादी में दिये गये परिधान जो हमलोगों द्वारा दी गई थी के साथ उसके सभी शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक कागजात जो उसके ससुराल वालों ने जब्त कर रखा है, जिससे संबंधित मुकदमा भी मेरी पुत्री द्वारा किया गया था। (मुकदमा का पिटिशन संलग्न है)

ऐसे और भी कई प्रकरण और उदाहरण हैं जिससे मेरी पुत्री का अपने ससुराल में जीना दुभर हो गया और अंततः वो अपनी एक सप्ताह की नवजात पुत्री को छोड़कर दुनिया से विदा हो गई। ऐसे विकट और विषम परिस्थिति से उबरना और जुझना हम माता पिता को अब मुश्किल लगता है।

महाशय, दफनाने एवं श्राद्ध कार्य करने तथा मानसिक तनाव में रहने के कारण सूचना देने में विलम्ब हुआ।

अतः श्रीमान से आग्रह है कि मेरी पुत्री के उपरोक्त वर्णित मामले की जाँच करते हुए संलिप्त दोषियों (मृतिका दीबा आफरीन के पति मो० हादिस फरहान, ससुर मो० जफर इमाम एवं सास यासमीन फातमा) पर उचित कारवाई करते हुए मुझ अभाग्य पिता और मेरे परिवार वालों को न्याय दिलाने की कृपा की जाय।

इसके लिए हम सदा आभारी रहेगें।

दिनांक- 25/12/23

विश्वासभाजन

साबीर अहमद

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