
जमशेदपुर: आज के तेज-तर्रार और डिजिटल (Digital) युग में जहां युवाओं का ज्यादातर समय मोबाइल और इंटरनेट पर बीत रहा है, वहीं लौहनगरी जमशेदपुर में किताबों के महत्व और पठन-पाठन की संस्कृति को जीवित रखने की एक शानदार पहल देखने को मिली। बुधवार, 12 अगस्त 2026 को साकची (Sakchi) स्थित ‘दिशोम गुरु मेमोरियल लाइब्रेरी’ (Dishom Guru Memorial Library) में ‘राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस’ (National Librarian’s Day) के अवसर पर एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर आयुक्त श्री योगेंद्र प्रसाद, J.A.S. ने की। समारोह में शिक्षा, ज्ञान और समाज के विकास में पुस्तकालयों की प्रासंगिकता और उनके योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई।


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‘किताबों से करें दोस्ती, नियमित रूप से आएं पुस्तकालय’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर आयुक्त योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि पुस्तकालय (Library) केवल किताबों का संग्रह नहीं हैं, बल्कि वे ज्ञान, शिक्षा और व्यक्तित्व निर्माण के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण केंद्र हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आधुनिक और डिजिटल युग के बावजूद, किताबों का अध्ययन और समाज में पुस्तकालयों की भूमिका आज भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। नगर आयुक्त ने शहर के युवाओं और विद्यार्थियों से विशेष अपील करते हुए उन्हें नियमित रूप से पुस्तकालय आने, वहां समय बिताने और अध्ययन की आदत (Reading Habit) विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
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पुस्तकालय सेवाओं को आधुनिक और जनोपयोगी बनाने पर मंथन
इस विशेष अवसर पर समाज में ज्ञान का प्रकाश फैलाने वाले पुस्तकालयाध्यक्षों (Librarians) और पुस्तकालय कर्मियों के अमूल्य योगदान की जमकर सराहना की गई।
समारोह के दौरान उपस्थित अतिथियों और अधिकारियों ने पुस्तकालय सेवाओं को और अधिक बेहतर, आधुनिक (Modern Library Services) तथा जनोपयोगी बनाने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की।
इसके अलावा, पुस्तकालय के आधारभूत विकास, पाठकों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और नई एवं उपयोगी पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने से संबंधित विभिन्न विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
पठन संस्कृति को बढ़ावा देने का आह्वान
अतिथियों ने शहरवासियों से पठन संस्कृति (Reading Culture) को बढ़ावा देने और अधिक से अधिक नागरिकों को पुस्तकालय से जोड़ने का आह्वान किया। इस सफल कार्यक्रम में नगर आयुक्त के अलावा संबंधित विभागीय पदाधिकारी, पुस्तकालयाध्यक्ष, पुस्तकालय कर्मी, भारी संख्या में विद्यार्थी और पुस्तक प्रेमी (Book Lovers) उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन एक विधिवत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।



