जमशेदपुर: झारखंड की औद्योगिक राजधानी जमशेदपुर के शवक नानावती टेक्निकल इंस्टीट्यूट (SNTI) में दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ‘सस्टेनेबल क्वालिटी स्टीलमेकिंग’ (ICSQS-2026) का सफल समापन हुआ। 23 और 24 अप्रैल 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में वैश्विक विशेषज्ञों ने भविष्य के स्टील निर्माण और पर्यावरण संरक्षण की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।
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समापन समारोह और सुरक्षा पर विशेष जोर
सम्मेलन के अंतिम दिन आयोजित विदाई समारोह (Valedictory Function) को टाटा स्टील के उपाध्यक्ष (सेफ्टी, हेल्थ एंड सस्टेनेबिलिटी) राजीव मंगल ने संबोधित किया। उन्होंने विशेष रूप से ‘स्क्रैप-आधारित’ स्टील उत्पादन (Scrap-based routes) में सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। मंगल ने कहा कि इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (EAF) और इंडक्शन फर्नेस (IF) के उभरते इकोसिस्टम में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
मंच पर उनके साथ डॉ. टी. भास्कर (चीफ QA लॉन्ग प्रोडक्ट, टाटा स्टील), डॉ. एस. सान्याल (CTO, जामीपोल) और डॉ. ए. अम्मासी (सह-सचिव, ICSQS-2026) भी उपस्थित थे।
भारतीय और यूरोपीय बाजार की अलग चुनौतियां
अपने संबोधन में राजीव मंगल ने टाटा स्टील की इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (EAF) की ओर बढ़ती यात्रा का जिक्र किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूरोप में मांग स्थिर होने के कारण वहां पूरी तरह EAF पर ध्यान दिया जा रहा है, लेकिन भारत की स्थिति अलग है।
भारतीय संदर्भ: भारत में स्टील की मांग तेजी से बढ़ रही है।
संतुलित दृष्टिकोण: बढ़ती मांग और कड़े पर्यावरण नियमों के बीच भारत को नए EAF प्लांट के साथ-साथ ब्लास्ट फर्नेस (BF) रूट्स का भी समानांतर विकास करना होगा।
सहयोग की भावना: उन्होंने जोर देकर कहा कि इस क्षेत्र में सभी खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी के बजाय ‘सहयोगी’ (Collaborators) के रूप में काम करना चाहिए ताकि भारतीय स्टील उद्योग दीर्घकालिक विकास कर सके।
दो दिवसीय सम्मेलन की मुख्य विशेषताएं
प्रथम दिन (Day 1): सम्मेलन की शुरुआत स्थिरता (Sustainability), स्क्रैप की गुणवत्ता और डीकार्बोनाइजेशन जैसे विषयों पर कीनोट एड्रेस और पैनल चर्चा से हुई। विशेषज्ञों ने EAF और IF स्टील निर्माण में ऊर्जा दक्षता (Energy Efficiency) बढ़ाने पर तकनीकी विचार साझा किए।
द्वितीय दिन (Day 2): दूसरे दिन फर्नेस तकनीक, कच्चे माल की गुणवत्ता, धातुकर्म प्रक्रिया नियंत्रण (Metallurgical Process Control) और डिजिटलाइजेशन पर गहन मंथन हुआ। नवाचार और प्रक्रिया अनुकूलन (Process Optimization) को सफलता की कुंजी बताया गया।
निष्कर्ष: भविष्य की ओर बढ़ता कदम
ICSQS-2026 ने न केवल तकनीकी ज्ञान का आदान-प्रदान किया, बल्कि सुरक्षित और हरित स्टील निर्माण की दिशा में एक स्पष्ट रोडमैप भी तैयार किया। फीडबैक सत्र के साथ इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का विधिवत समापन हुआ।




