आदित्यपुर (का.प्र.) – अखिल भारतीय धोबी महासंघ, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां एवं संत गाडगे जागृति मंच के संयुक्त तत्वावधान में महान समाज सुधारक संत गाडगे बाबा की स्मृति में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शहर में निकली इस यात्रा में घोड़ा रथ, बैंड-बाजा, झारखंडी लोकनृत्य और संत गाडगे के उपदेशों की आकर्षक झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया।
गोपाल मैदान से माइकल जॉन ऑडिटोरियम तक यात्रा
शोभायात्रा की शुरुआत गोपाल मैदान से हुई, जो विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए बिष्टुपुर स्थित माइकल जॉन ऑडिटोरियम पहुंची। यहां आयोजित समागम में बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं और समाज के कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
शिक्षित समाज की जरूरत: सुरेश बैठा
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित अखिल भारतीय धोबी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक सुरेश बैठा ने कहा कि संत गाडगे बाबा केवल स्वच्छता के संदेशवाहक ही नहीं थे, बल्कि वे शिक्षित और अंधविश्वास-मुक्त समाज के निर्माण के प्रबल पक्षधर थे। उन्होंने कहा कि आज के दौर में उनके विचारों को आत्मसात करने की अत्यंत आवश्यकता है।
सुरेश बैठा ने झारखंड में अनुसूचित जाति के लोगों को जाति प्रमाण पत्र निर्गत करने में आ रही समस्याओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस विषय में सरकार से आग्रह किया गया है और शीघ्र सकारात्मक समाधान की उम्मीद है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम बना आकर्षण
समागम के दौरान नमीता चौधरी और उनकी टीम द्वारा संत गाडगे बाबा की जीवनी पर आधारित गीत एवं नृत्य प्रस्तुति दी गई, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही। उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
समाजसेवियों का सम्मान
कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कई सदस्यों को सम्मानित किया गया। गरीब बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने और उनके मार्गदर्शन में अहम भूमिका निभाने के लिए ऊषा देवी, प्रो. राकेश, प्रो. राजेश रजक, सरिता कुमारी और प्रो. कृष्ण रजक को सम्मान मिला।
चिकित्सा क्षेत्र में योगदान के लिए डॉ. राजेंद्र प्रसाद और डॉ. हर्षा को सम्मानित किया गया, वहीं यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर आईएएस बने बीरेंद्र कुमार को भी विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
बड़ी संख्या में समाज के लोग रहे उपस्थित
कार्यक्रम में महासंघ के पदाधिकारियों, कोर कमेटी के सदस्यों और पूर्वी सिंहभूम के जिलाध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे। आयोजन ने समाज में एकता, जागरूकता और सामाजिक सुधार का सशक्त संदेश दिया।इसके अतिरिक्त कोर कमेटी के सदस्यों राजू रजक, कविचंद रजक, विनोद रजक, अमर लाल, अरुण चौधरी, अमलेश रजक, सेंटी रजक, राहुल रजक, नंदलाल रजक, बंटी रजक, नित्यानंद रजक, सुरेन्द्र रजक, वीरेंद्र रजक, लक्ष्मी देवी, सरिता देवी, रश्मि रजक और मीनू देवी को विशेष सम्मान दिया गया. इस अवसर पर पूर्वी सिंहभूम के जिलाध्यक्ष गोपाल रजक, संत गाडगे स्मृति मंच के संयोजक उपेन्द्र रजक, भोला रजक, दुर्गा राम बैठा, वीणा लाल रजक, सत्येंद्र रजक, आदित्य नारायण, विजय रजक, राज कुमार रजक, राजेंद्र रजक, सौदागर रजक, कुमार रवि, उमेश लाल, दीपक कुमार, अनूप लाल रजक, अजय रजक, अमित रंजन, अमित कुमार, निमाई रजक, वरुण रजक, चितरंजन सिट, कामता रजक, ललन रजक, सिया राज, कलावती देवी, अनिता देवी, रानी देवी, शीनू देवी, दुर्गा रजक, देवी देवी, कुणाल रजक, रोहित रजक , संजय रजक आदि उपस्थित थे


