धनबाद / घाटशिला: “विश्व पृथ्वी दिवस 2026 – हमारी शक्ति, हमारा ग्रह” के वैश्विक थीम पर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT-ISM), धनबाद में एक गरिमामय एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। संस्थान के पर्यावरण विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग द्वारा EIACP (PC-RP) प्रोग्राम सेंटर के तहत आयोजित यह कार्यक्रम INSEARCH NGO, धनबाद के विशेष सहयोग से संपन्न हुआ। इस भव्य आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं और समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति व्यापक जागरूकता बढ़ाना और उनमें प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना को विकसित करना था।
प्रकृति के साथ संतुलन ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी: प्रभाकर सिंह
कार्यक्रम में सोना देवी विश्वविद्यालय (SDU), घाटशिला के कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने अति विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। अपने ओजस्वी संबोधन में उन्होंने उपस्थित विद्वतजनों और विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि, “प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखना ही मानव जीवन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।” उन्होंने युवाओं से विशेष आह्वान किया कि वे पर्यावरण संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। अधिक से अधिक पौधे लगाना, सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाना और ऊर्जा संरक्षण जैसे छोटे-छोटे प्रयासों के माध्यम से पृथ्वी को बचाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन
इस अवसर पर सोना देवी विश्वविद्यालय, घाटशिला के विभिन्न संकायों— स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, स्कूल ऑफ साइंस (बायोटेक्नोलॉजी), स्कूल ऑफ फार्मेसी एवं स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर— के छात्र-छात्राओं के लिए एक विशेष शैक्षणिक भ्रमण (Educational Tour) का भी आयोजन किया गया।
इस भ्रमण का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों के बौद्धिक और रचनात्मक विकास को नई दिशा देना और उन्हें व्यावहारिक ज्ञान से समृद्ध करना था:
इंजीनियरिंग विभाग: विभागाध्यक्ष पूजा तिवारी के कुशल नेतृत्व में शब्बीर अहमद, खुशी कुमारी, प्रज्ञा कुमारी, वंश अग्रवाल, मनवर बेरा, और सायंतन पॉल सहित अन्य विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
कृषि विज्ञान एवं अन्य विभाग: सहायक प्राध्यापक सायन बनर्जी के नेतृत्व में लक्ष्मी मुर्मू, संदीप सिंह, शुभादीप, सौरव, सूरज सिंह और फाल्गुनी गिरी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। वहीं, सोनल कुमारी के मार्गदर्शन में सुप्रिया घोष, दीपेश कुमार नायक, क्रिस गोस्वामी, शेख मोहम्मद इब्राहिम, अभिजीत कुमार एवं बिपाशा नायक सहित दर्जनों छात्रों ने पूरे उत्साह के साथ पर्यावरण से जुड़ी तकनीकी बारीकियों को समझा।
शैक्षणिक भ्रमण व्यक्तित्व विकास में सहायक: डॉ. नीत नयना
सोना देवी विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. नीत नयना ने इस सफल आयोजन पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण छात्रों के समग्र व्यक्तित्व विकास में अत्यंत सहायक होते हैं और उनके किताबी ज्ञान को व्यावहारिक धरातल पर सुदृढ़ करते हैं।
वहीं, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. ब्रज मोहन पाट पिंगुवा ने भी इस कार्यक्रम की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सार्थक आयोजन न केवल युवाओं में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करते हैं, बल्कि उन्हें भविष्य का एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनने की दिशा में भी प्रेरित करते हैं।
सामूहिक संकल्प के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के अंतिम चरण में आईआईटी-आईएसएम के शिक्षकों, शोधार्थियों और सोना देवी विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने सामूहिक रूप से यह संकल्प (Pledge) लिया कि वे पृथ्वी संरक्षण के लिए आजीवन प्रयासरत रहेंगे। यह सफल आयोजन विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व और सतत विकास (Sustainable Development) के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल साबित हुआ।






